अफीम नीति 2026-27 का इंतजार बढ़ा, खेती की तैयारी को लेकर असमंजस में काश्तकार
अफीम नीति घोषित न होने से खेतों की जुताई व खाद प्रबंधन में असमंजस, लंबरदार प्रतिनिधि ने केंद्रीय वित्त मंत्री को ईमेल भेजकर शीघ्र नीति जारी करने की मांग उठाई।
बड़ीसादड़ी में आगामी अफीम फसल वर्ष 2026-27 की नई नीति जारी नहीं होने से तैयार खेतों में बुआई और उर्वरक प्रबंधन को लेकर किसानों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
बड़ीसादड़ी। आगामी फसल वर्ष के लिए अफीम नीति 2026-27 जारी नहीं होने से अफीम की खेती करने वाले काश्तकार असमंजस की स्थिति में हैं। नीति की घोषणा में देरी के कारण किसानों को खेत तैयार करने, जुताई करने, उर्वरकों की व्यवस्था करने और समय पर कृषि कार्य शुरू करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अफीम की खेती में समय का विशेष महत्व होता है। ऐसे में नवीन अफीम नीति जारी नहीं होने से काश्तकारों के सामने आगामी फसल की तैयारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। किसानों को यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आगामी वर्ष अफीम की खेती के लिए नियम और पात्रता संबंधी प्रावधान क्या रहेंगे।
अफीम उत्पादक किसानों की निगाहें अब अफीम नीति 2026-27 की घोषणा पर टिकी हैं। नीति जारी होने के इंतजार के बीच किसान चाहते हैं कि उन्हें समय रहते आगामी फसल वर्ष से संबंधित दिशा-निर्देश मिल जाएं, ताकि खेती की तैयारियां समय पर पूरी की जा सकें।
इस मामले में लंबरदार प्रतिनिधि राधे सुथार ने गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से पत्र प्रेषित किया। उन्होंने किसान हित में नवीन अफीम नीति को शीघ्र जारी करवाने की मांग की। अब किसानों को नीति की घोषणा का इंतजार है, क्योंकि इसके जारी होने से ही आगामी फसल वर्ष की खेती से जुड़ी तैयारियों और नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।