बेगूं: चेक अनादरण मामले में अभियुक्त को एक वर्ष कारावास और जुर्माना
खाता बंद होने से 3 लाख का चेक बाउंस होने पर कोर्ट ने अभियुक्त को एक साल की जेल और 4.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
बेगूं न्यायालय परिसर के बाहर तैनात पुलिसकर्मी, जहां चेक अनादरण मामले में अभियुक्त को सजा सुनाई गई।
बेगूं में चेक अनादरण के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त चांद मोहम्मद को दोषसिद्ध ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और 4 लाख 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. पीयूष जैलिया ने मामले में निर्णय सुनाते हुए जुर्माना अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया।
प्रकरण के अनुसार, बेगूं निवासी अर्जुन वैष्णव ने चांद मोहम्मद के विरुद्ध 3 लाख रुपये के चेक के अनादरण को लेकर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवाद में बताया गया कि 26 अगस्त 2019 को जारी किया गया चेक अभियुक्त के बैंक खाते के बंद होने के कारण अनादरित हो गया था। इसके बाद परिवादी अर्जुन वैष्णव ने न्यायालय की शरण ली।
मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. पीयूष जैलिया ने अभियुक्त चांद मोहम्मद को दोषसिद्ध मानते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और 4 लाख 50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय ने जुर्माना जमा नहीं कराने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया।
परिवादी अर्जुन वैष्णव की ओर से अधिवक्ता भोलेश कुमार भट्ट, मोहम्मद एतमाद अजमेरी, सोहिद शाह एवं संकल्प भट्ट ने पैरवी की। न्यायालय के इस निर्णय के साथ चेक अनादरण से जुड़े मामले में अभियुक्त को कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई गई।