चित्तौड़गढ़ जिले में नीलगाय के बच्चे के शिकार के मामले में वन विभाग ने फरार चल रहे तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 13 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस कार्रवाई को उप वन संरक्षक चित्तौड़गढ़ वी. केतन कुमार द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अंजाम दिया गया। उदयपुर संभाग में यह पहला मामला बताया गया है, जिसमें वन विभाग ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए आरोपी को पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया है।

बस्सी। प्रातकाल संवाददाता। चित्तौड़गढ़ वन मंडल की विजयपुर रेंज के शिकार प्रकरण संख्या 634-01, दिनांक 9 सितंबर 2026 में उप वन संरक्षक चित्तौड़गढ़ वी. केतन कुमार और सहायक वन संरक्षक भावना शर्मा के निर्देशन में रेंजर विजयपुर के नेतृत्व में गठित टीम ने यह कार्रवाई की। मामले में तीसरे आरोपी इंद्रमल कंजर उर्फ इंद्रिया कंजर पुत्र बिटू कंजर उर्फ मिठ्या कंजर, निवासी धांगलिया खेड़ा, को न्यायालय में पेश किया गया।

इस प्रकरण में इससे पहले गोपाल लाल भील, निवासी धांगलिया का खेड़ा, और भंवरलाल पुत्र नाथू लाल बागरिया, निवासी निंबाहेड़ा, को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। वहीं, तीसरा आरोपी इंद्रमल कंजर उर्फ इंद्रिया कंजर फरार चल रहा था। वह किसी अन्य प्रकरण में उपकारागृह बेगूं में निरुद्ध था।

फरार आरोपी को इस मामले में न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए माननीय सिविल न्यायालय एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट चित्तौड़गढ़ की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं के तहत प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया। इसके बाद आरोपी इंद्रिया कंजर पुत्र बिटू कंजर उर्फ मिठ्या कंजर, निवासी धांगलिया खेड़ा, को 14 अक्टूबर 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे 13 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए।

वन विभाग के अनुसार, आरोपी ने पूर्व में गिरफ्तार किए गए गोपाल लाल के साथ मिलकर नीलगाय के बच्चे को जंगल से एक दिन पहले ही घर पर लाया था। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972, संशोधन अधिनियम 2022 की धाराओं 9, 39, 50, 51 और 52 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

वन विभाग की इस कार्रवाई को उदयपुर संभाग में प्रोडक्शन वारंट के माध्यम से आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का पहला मामला बताया गया है। कार्रवाई में रेंजर विजयपुर श्री भूपेन्द्र सिंह शक्तावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस कार्रवाई में नाका प्रभारी विजयपुर मनोहर सिंह जाट, सहायक वनपाल; नाका प्रभारी उदपुरा राजेन्द्र सिंह रावत; वनपाल मेघनाथ; वनरक्षक योगेश कुमार गुजर, मंदराज मीणा, नारायण सिंह तंवर, महेन्द्र सिंह चुण्डावत और विजय सिंह चौहान तथा ओमप्रकाश बेनीवाल सहित वन विभाग का स्टाफ शामिल रहा।

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