चित्तौड़गढ़: 0.4% UPI MDR शुल्क के खिलाफ व्यापारियों का ज्ञापन
2 हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को रद्द करने और डिजिटल लेनदेन को फ्री रखने की मांग की गई है।
चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर ज्ञापन का कागज हाथ में थामे खड़े व्यापारी प्रतिनिधि।
चित्तौड़गढ़। यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क के विरोध में व्यापार महासंघ संस्थान की ओर से केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संघ के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित व्यापारियों ने प्रस्ताव पर चिंता और नाराजगी जताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।
व्यापार महासंघ के राजेश सेठिया, सुनील जागेटिया और राजकुमार बज ने बताया कि देश का व्यापारी वर्ग डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्राहकों की सुविधा के लिए व्यापारियों ने यूपीआई, क्यूआर कोड और पीओएस जैसी डिजिटल भुगतान प्रणालियों को व्यापक रूप से अपनाया है। ऐसे में 2 हजार से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क व्यापारियों पर अनपेक्षित आर्थिक भार डालेगा।
प्रतीक बोहरा ने कहा कि व्यापारी वर्ग पहले से ही जीएसटी, आयकर, टीडीएस, विभिन्न लाइसेंस शुल्क, बैंकिंग चार्जेस, पीओएस एवं कार्ड शुल्क से जुड़े वित्तीय व प्रशासनिक नियमों का पालन कर रहा है। व्यापार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सीमित मार्जिन के बीच इस तरह के नए शुल्क और अनुपालन बोझ व्यापारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
महासंघ ने सवाल उठाया कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार पैदा करने, टैक्स भरने और डिजिटल व्यवस्था को सफल बनाने वाले व्यापारियों पर ही हर नई व्यवस्था का वित्तीय भार क्यों डाला जाता है।
सुनील कोठारी, संयोजक राजेश वीरानी, उपाध्यक्ष लोकेंद्र भड़कतया और एवंत मेहता ने ज्ञापन के माध्यम से 2 हजार से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर प्रस्तावित 0.4ः MDR शुल्क को तुरंत रद्द करने की मांग की। इसके साथ ही छोटे, मध्यम और बड़े व्यापारियों के लिए यूपीआई लेन-देन को यथासंभव जीरो एमडीआर रखने तथा भविष्य में किसी भी शुल्क या नए अनुपालन नियम को लागू करने से पहले उसके वास्तविक आर्थिक प्रभाव का अध्ययन करने और व्यापारिक संगठनों से औपचारिक चर्चा करने की मांग रखी गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नंदलाल बिलोची, सुरेश जैन, किरण डांगी, विनीत भड़कतिया, अनिल सेठिया, सत्यनारायण आगाल, जयप्रकाश वगानी, एवंत मेहता, विजय सिंह मेहता, मुकेश जाट, मोहम्मद रफीक नागोरी, रविंद्र मोदी, मुकेश वेद, प्रमोद काबरा, विनोद गदिया, जगदीश नामधराणी, अनिल पटवारी, विशाल सरुपरिया, आशीष भाणावत, विक्की कोली, हरजीत खनूजा, प्रदीप बाबेल, अनिल जैन सहित कई व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।