बड़ी सादड़ी में चेक अनादरण मामले में भैरूलाल को 2 साल की सजा, 2 लाख रुपये प्रतिकर देने के आदेश
खाता बंद होने से चेक अनादरित होने के मामले में अदालत ने अभियुक्त पर 2 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया।
बड़ी सादड़ी के अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश न्यायालय द्वारा चेक अनादरण मामले में अभियुक्त को दो वर्ष के कारावास और 2 लाख रुपये प्रतिकर की सजा सुनाई गई।
बड़ी सादड़ी न्यायालय ने चेक अनादरण के मामले में अभियुक्त भैरूलाल पुत्र टेकचंद, निवासी सोमनाथ बाजार, बड़ी सादड़ी को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कारावास और 2 लाख रुपये प्रतिकर की सजा सुनाई है। अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश जयश्री मीणा ने दोनों पक्षों की बहस और प्रकरण से जुड़े तथ्यों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
प्रकरण के अनुसार, भैरूलाल प्रजापत ने भगवतीलाल लोहार से उधार लिए गए पैसों की अदायगी के लिए हस्ताक्षरित चेक दिया था। भगवतीलाल लोहार ने चेक भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया, लेकिन खाते के बंद होने का रिमार्क दर्ज होने के कारण बैंक ने चेक अनादरित कर दिया।
इसके बाद चेक अनादरण को लेकर बड़ी सादड़ी न्यायालय में दावा पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बहस और प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करने के बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश श्रीमती जयश्री मीणा ने भैरूलाल को दोषी करार दिया और उसे दो वर्ष के कारावास तथा 2 लाख रुपये प्रतिकर की सजा सुनाई।
प्रकरण में भगवतीलाल लोहार की ओर से एडवोकेट नरेश दत्त जोशी ने पैरवी की। न्यायालय के इस फैसले के साथ चेक अनादरण के मामले में अभियुक्त को कारावास और आर्थिक प्रतिकर की सजा सुनाई गई।