श्री महेश पब्लिक स्कूल प्राइमरी विंग की ओर से बच्चों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से 3 व 4 नवंबर 2026 को दो दिवसीय बाल संस्कार शिविर का आयोजन किया जाएगा। श्री महेश सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित यह शिविर भीलवाड़ा स्थित रामेश्वरम में होगा। शिविर में कुल 248 बच्चे भाग लेंगे।

श्री महेश सेवा समिति के निर्देशक एवं विद्यालय प्रभारी श्री दिनेश जी शारदा ने बताया कि शिविर में कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें संस्था द्वारा संचालित सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज के बच्चे भी भाग लेंगे।

शिविर के दौरान बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनमें नैतिक मूल्यों का संचार करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें योगासन, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, वैदिक खेल, भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रश्नोत्तरी, बौद्धिक व्यायाम, मंत्रोच्चारण, प्रेरणादायक कहानियां और रचनात्मक गतिविधियां शामिल हैं।

श्री महेश सेवा समिति के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जी नराणीवाल ने कहा कि संस्कार ही जीवन की वास्तविक पूंजी हैं। बाल्यावस्था में दिए गए अच्छे संस्कार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और आदर्श व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत नींव रखते हैं। इसी विचार को साकार करने के उद्देश्य से विद्यालय द्वारा इस विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

समिति के सचिव श्री राजेंद्र कुमार जी कचोलिया ने कहा कि बाल्यावस्था जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जब बच्चों के मन में अच्छे विचारों और आदतों का विकास होता है। यह शिविर बच्चों को अनुशासन, सहयोग, आत्मनिर्भरता, सेवा भावना और बड़ों के प्रति सम्मान जैसे जीवनोपयोगी गुणों को समझने तथा अपनाने का अवसर प्रदान करेगा।

समिति के कोषाध्यक्ष श्री राजेश जी बाहेती ने कहा कि शिविर के माध्यम से बच्चों को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभवों से अनुशासन, समय का सदुपयोग, आपसी सहयोग, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण गुण सीखने का अवसर मिलेगा।

समिति के निर्देशक एवं विद्यालय प्रभारी श्री दिनेश जी शारदा ने कहा कि आज के बदलते परिवेश में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। बाल संस्कार शिविर इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर आयोजित किया जा रहा है, ताकि बच्चों में अच्छे संस्कारों के साथ जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सके।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती निधि झा भार्गव ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ना है। बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक, आध्यात्मिक, रचनात्मक और मनोरंजक गतिविधियों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास करने का प्रयास किया जाएगा।

दो दिवसीय बाल संस्कार शिविर में 248 बच्चों की सहभागिता के साथ शिक्षा, संस्कार और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।