भीलवाड़ा में दो दर्दनाक हादसे: खदान में डंपर गिरने से चालक की मौत, बाइक भिड़ंत में बुजुर्ग ने तोड़ा दम
सतकुड़िया माइंस में डंपर पलटने से चालक और मांडलगढ़ में बाइक भिड़ंत में बुजुर्ग ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
भीलवाड़ा जिले में दो अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। सतकुड़िया क्षेत्र की माइंस में डंपर अनियंत्रित होकर गहरी खदान में जा गिरा, जिससे गंभीर घायल चालक शैतान सिंह (34) ने कोटा अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, मांडलगढ़ थाना क्षेत्र में दो बाइकों की भिड़ंत में बीड़ का खेड़ा निवासी 60 वर्षीय नरेंद्र पारीक की मौत हो गई। दोनों घटनाओं से मृतकों के परिवारों में शोक छा गया।
बिजौलियां थाने के सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार बेनीवाल के अनुसार, कुचलवाड़ा कलां निवासी शैतान सिंह पुत्र कान सिंह राजपूत 24 अक्टूबर को डंपर लेकर सतकुड़िया क्षेत्र की माइंस पर पहुंचा था। खदान में उतरते समय ढलान पर डंपर अनियंत्रित हो गया और गहरी खदान में जा गिरा। हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले बिजौलियां में प्राथमिक उपचार दिया गया, इसके बाद बेहतर उपचार के लिए कोटा रेफर किया गया। बुधवार को उपचार के दौरान शैतान सिंह की मौत हो गई। इसके बाद शव बिजौलियां अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
दूसरी घटना मांडलगढ़ थाना क्षेत्र की है, जहां दो बाइकों की भिड़ंत में बीड़ का खेड़ा निवासी 60 वर्षीय नरेंद्र पारीक की जान चली गई। हादसे में उनके भाई सुरेश को मामूली चोटें आईं। सहायक उप निरीक्षक रघुवीर सिंह के अनुसार, 25 अक्टूबर को नरेंद्र पारीक अपने भाई सुरेश के साथ बाइक से त्रिवेणी चौराहे से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान लालपुरा गांव के पास मानपुरा की ओर से आ रही एक अन्य बाइक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण नरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके भाई सुरेश को मामूली चोटें आईं।
गंभीर घायल नरेंद्र पारीक को भीलवाड़ा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस इस हादसे के कारणों की भी जांच कर रही है। जिले में हुए इन दोनों हादसों में दो परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया, जबकि पुलिस दोनों मामलों में दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाने में जुटी है।