पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में एक व्यक्ति भीलवाड़ा के मकान की छत पर गेंती से खुदाई कर रहा है।

रायला में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 स्थित चारभुजा कॉटन फैक्ट्री में गुरुवार को काम के दौरान हादसा हो गया। ट्रक के ऊपर चढ़कर काकड़े की बोरियां उतार रहे दो मजदूर अचानक नीचे गिर गए। हादसे में एक मजदूर का पैर टूट गया, जबकि दूसरे के सिर में गंभीर चोट आई। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दोनों घायलों को रायला की 108 एंबुलेंस की मदद से भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों मजदूर ट्रक के ऊपर से काकड़े की बोरियां उतार रहे थे। इसी दौरान एक मजदूर का पैर फिसल गया और वह नीचे गिर पड़ा। अपने साथी को बचाने के प्रयास में दूसरा मजदूर भी संतुलन खो बैठा और नीचे आ गिरा। अचानक हुए इस हादसे में दोनों घायल हो गए। एक मजदूर के पैर में गंभीर चोट आई, जबकि दूसरे के सिर में गंभीर चोट लगने की जानकारी सामने आई है। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों की मदद की और एंबुलेंस को सूचना दी। रायला की 108 एंबुलेंस दोनों को उपचार के लिए भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल लेकर पहुंची।

भीलवाड़ा में 72 वर्षीय कमला देवी कांकरिया की हत्या कर उनके शव को मकान की छत पर जलाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस सबूत जुटाने में लगी है। गुरुवार को पुलिस गिरफ्तार आरोपित रवि तापडिय़ा, हीरा सिंधी और आर्यन दाधीच उर्फ चूचा को लेकर एक बार फिर घटनास्थल पहुंची। यहां मकान की छत की खुदाई करवाई गई। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई के दौरान शव जलाने और सबूत मिटाने से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए संग्रहित किया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कमला देवी की हत्या के बाद उनके शव को छत पर लकड़ियों और अन्य ज्वलनशील सामग्री की मदद से जलाया गया था। पुलिस के अनुसार, शव पूरी तरह जलाने के बाद हड्डियों और अन्य अवशेषों को कोठारी नदी में बहा दिया गया था। वारदात के निशान मिटाने के लिए छत के जले हुए हिस्से की मरम्मत कर वहां सीमेंट का नया घोल भी डाला गया था। अब पुलिस ने एफएसएल टीम की मौजूदगी में छत की खुदाई करवाकर संभावित अवशेषों और अन्य साक्ष्यों की तलाश की है, जो घटना की कड़ियों को जोड़ने में मदद कर सकते हैं।

पुलिस जांच के अनुसार, 12 अक्टूबर की रात रवि तापडिय़ा कमला देवी कांकरिया को आरके कॉलोनी स्थित मकान पर लेकर गया था। वहां संपत्ति अपने नाम करवाने के लिए उनसे हस्ताक्षर करने को कहा गया। कमला देवी ने इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद तकिए से मुंह दबाकर उनकी हत्या कर दी गई। इस दौरान हीरा सिंधी भी मौके पर मौजूद था। हत्या के बाद आरोपितों ने शव को चादर में लपेटकर बांधा और उसे ठिकाने लगाने की योजना के तहत छत पर ले जाकर जला दिया।

भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी के अनुसार, मामले में आरके कॉलोनी निवासी रवि तापडिय़ा और हीरा सिंधी के बाद आर्यन दाधीच उर्फ चूचा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, रवि तापडिय़ा का भतीजा कालू तापडिय़ा पुत्र सांभा तापडिय़ा अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

थाना प्रभारी चौधरी ने बताया कि मकान के अंदर उस कमरे की भी जांच की गई, जहां कथित तौर पर कमला देवी की तकिए से मुंह दबाकर हत्या की गई थी। इसके बाद शव जलाने वाली छत की दोबारा जांच शुरू की गई। मौजूदा कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य छत के नीचे छिपे संभावित साक्ष्य जुटाना है। उन्होंने बताया कि खुदाई के दौरान घटनास्थल के एक हिस्से से कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें संग्रहित कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, अब तक के अनुसंधान में महिला की हत्या के बाद शव को इसी स्थान पर जलाए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि, बरामद साक्ष्यों को एफएसएल जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही इन साक्ष्यों की पुष्टि हो सकेगी और मामले की जांच में उनकी भूमिका स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस की जांच छत से मिले साक्ष्यों, आरोपितों की भूमिका और फरार कालू तापडिय़ा की तलाश पर केंद्रित है।

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