श्री बाबाधाम में उमड़ा जनसैलाब, सहस्त्रधारा-रुद्राभिषेक और राखी महोत्सव में जुटे हजारों श्रद्धालु
भीलवाड़ा के श्री बाबाधाम में सहस्त्रधारा, रुद्राभिषेक और राखी महोत्सव में हजारों श्रद्धालु उमड़े। 1008 किलो दूध से अभिषेक, महाआरती, भजन और माँ मंशापूर्ण माताजी के त्रिशूल पर राखी बांधने का अवसर रहा।
भीलवाड़ा में श्री बाबाधाम पर सहस्त्रधारा, रुद्राभिषेक और राखी महोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। श्री बाबाधाम के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल के सानिध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु पहुंचे और ऋणमुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव के रुद्राभिषेक के साथ ओम नमः शिवाय और हर हर महादेव के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा।
श्री बाबाधाम मंदिर में ऋणमुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर की मान्यता के अनुसार प्रत्येक गुरुवार को महादेव को चने की दाल चढ़ाने से पितृ ऋण, मातृ ऋण और सखा ऋण से मुक्ति मिलती है। चने की दाल मंदिर की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। बताया गया कि भारत देश का यह पहला शिवलिंग है, जिसमें श्री शिवजी, माता पार्वती जी और श्री गणेश जी एक ही शिवलिंग में विद्यमान हैं।
श्री बाबाधाम के शिव दरबार को रंग-बिरंगी झिलमिल और मनमोहक लाइटिंग, फरियों तथा फल-फूलों से सजाया गया। सुबह से ही मंदिर में भक्त महादेव की भक्ति में रम गए। पूरे मंदिर प्रांगण में हर हर महादेव और भोले बाबा के जयकारे गूंजते रहे।
श्री बाबाधाम के पण्डित गौतम गोविन्द और अन्य पण्डितों ने मंत्रोच्चारण तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना प्रारंभ कराई। सायंकाल 4.15 बजे से 1008 किलो दूध से रुद्राभिषेक शुरू हुआ, जो सायंकाल 7.15 बजे तक चला। भगवान की बिल्वपत्र, आक के फूल और धतुरा आदि से पूजा की गई। जल, दूध, पंचामृत और गन्ने के रस से भी भगवान शिव का अभिषेक किया गया।
हजारों भक्तों ने ऋणमुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव के रुद्राभिषेक में शामिल होकर ओम नमः शिवाय और हर हर महादेव के जयघोष के साथ अपनी मनोकामना पूर्ण की। इन सभी भावनाओं के साथ रुद्राभिषेक किया गया। सभी भक्तों के लिए मंदिर प्रांगण में दूध की निःशुल्क व्यवस्था की गई।
श्री माँ अन्नपूर्णा वैष्णों देवी का भी भव्य श्रृंगार किया गया। महिला मण्डल की ओर से भजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कई भजन गाए गए। भजनों से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया।
कष्ट निवारण के लिए पूरे वर्ष में एक बार माँ मंशापूर्ण माताजी के त्रिशूल पर राखी बांधने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर त्रिशूल पर राखी बांधने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। राखी मंदिर ट्रस्ट की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई गई।
सायंकाल सहस्त्रधारा और रुद्राभिषेक के बाद महाआरती हुई। महाआरती के पश्चात सभी भक्तों को ठंडाई प्रसाद वितरित किया गया। सभी सेवादारों ने आयोजन में अपनी सेवाएं दीं।
हजारों भक्तों की मौजूदगी के बावजूद सभी श्रद्धालुओं ने आराम से दर्शन किए और सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक में भाग लिया। इसके बाद मंदिर प्रांगण में भोले के साथ जय मातादी, जय बाबा बालाजी और जय बाबा के घोष गूंजते रहे। सहस्त्रधारा और रुद्राभिषेक के इस आयोजन में हजारों भक्तजनों ने पहुंचकर धर्म का लाभ लिया।