तस्वीर में भीलवाड़ा में एक मिठाई की दुकान पर खाद्य सुरक्षा टीम के अधिकारी निरीक्षण करते और ट्रे में रखी मिठाई की जांच करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

भीलवाड़ा। आगामी रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच तेज कर दी है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा टीम ने विभिन्न मिष्ठान भंडारों और डेयरियों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान 60 किलोग्राम दूषित मावा और मिठाई मौके पर ही नष्ट करवाई गई, जबकि 6 विभिन्न प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि मिलावटखोरों पर लगाम लगाने के लिए गठित खाद्य सुरक्षा टीम ने जिले के कई इलाकों में सरप्राइज निरीक्षण किए।

बिलिया स्थित मैसर्स बालाजी डेयरी में निरीक्षण के दौरान लगभग 50 किलोग्राम खराब और बदबूदार मावा मिला। जनहित में इसे तत्काल मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। टीम ने यहां से मावे का सैंपल भी लिया।

इसी तरह शाहपुरा स्थित लक्ष्मी मिष्ठान भंडार से बर्फी का नमूना लिया गया। यहां गुणवत्ताहीन पाई गई 10 किलोग्राम बर्फी को भी मौके पर नष्ट कराया गया।

कार्रवाई के दौरान मैसर्स राकेश बिरला, शाहपुरा से मक्खन बड़ा, जोगनिया रेस्टोरेंट एंड स्वीट्स, सरेड़ी चौराहा से मावा, जोगणिया मिष्ठान भंडार, रूपाहेली भट्टा से मावा तथा भवानी बीकानेर मिष्ठान भंडार, रायला से रसगुल्ला के सैंपल लिए गए।

कार्रवाई में शामिल खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव, साक्षी जैन और एफएसओ अंकित शर्मा ने बताया कि संग्रहित किए गए सभी 6 नमूनों को जांच के लिए अजमेर स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमों के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों और मिठाई विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि त्योहारी सीजन में साफ-सफाई, गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और दूषित सामग्री बेचने वालों के खिलाफ विभाग की सख्ती जारी रहेगी। उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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