24.33 लाख की लूट और गार्ड पर गोलीकांड में ललित सेन को 7 साल की सजा
भीलवाड़ा में 24.33 लाख रुपए की लूट और गार्ड पर गोली चलाने के 10 साल पुराने मामले में कोर्ट ने ललित सेन को 7 साल की सजा और 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया। सह-आरोपी संगीता भदौरिया बरी हुईं।
भीलवाड़ा में 24.33 लाख रुपए की लूट और गार्ड पर गोली चलाकर जानलेवा हमला करने के 10 साल पुराने चर्चित मामले में अदालत ने आरोपी ललित सेन को दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-2, भीलवाड़ा के न्यायाधीश ने 25 अगस्त 2026 को फैसला सुनाते हुए ललित सेन पुत्र मिट्ठू लाल सेन, निवासी बांसी, बड़ी सादड़ी, चित्तौड़गढ़ को 7 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं सह-आरोपी संगीता भदौरिया को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
अपर लोक अभियोजक राजेंद्र कुमार गुर्जर के अनुसार, घटना 18 फरवरी 2016 की है। इंडसइंड बैंक, भीलवाड़ा के कैशियर रविराज सिंह अपने गार्ड रामलाल के साथ फाइनेंस डिविजन गांधीनगर से 24,33,800 रुपए का कैश कलेक्शन लेकर पैदल बैंक शाखा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सर्किट हाउस के सामने होटल हर्षदीप के पास बाइक सवार बदमाशों ने रविराज सिंह से रुपयों से भरा बैग छीन लिया।
लूट के दौरान गार्ड रामलाल ने बदमाशों को पीछे से पकड़ लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई। इसी दौरान बदमाशों में से एक ने जान से मारने की नीयत से पिस्टल से फायर कर दिया। गोली गार्ड रामलाल की पीठ पर लगी। वारदात के बाद बदमाश अपने तीसरे साथी की मोटरसाइकिल पर बैठकर मौके से फरार हो गए।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने छीटोली, मैनपुरी (यू.पी.) निवासी कुलदीप सिंह उर्फ कल्लू पुत्र सतपाल सिंह चौहान, चित्तौड़गढ़ निवासी ललित सेन और मसूरी पावाई आदर्श, भिंड (एम.पी.) निवासी संगीता पत्नी जगदेव सिंह भदोरिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र पेश किया था। मामले में एक अन्य आरोपी अशोक चौहान अभी भी फरार चल रहा है।
अदालत में सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक की ओर से 29 गवाह और 54 दस्तावेज पेश किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने ललित सेन को धारा 307/34, 394/34, 323/34, 332, 353, 120B IPC के तहत दोषी मानते हुए 7 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं सह-आरोपी संगीता भदौरिया को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। 10 साल पुराने इस लूट और गोलीकांड में अदालत के फैसले से ललित सेन की दोषसिद्धि और सजा तय हो गई है, जबकि मामले का एक अन्य आरोपी अशोक चौहान अभी फरार है।