सेवानिवृत्ति पर रामचंद्र मूंदड़ा को बैलगाड़ी से दी अनूठी विदाई, साइकिल काफिले ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अजमेर विद्युत वितरण निगम से 35 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी को राजस्थान जन मंच ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विदाई दी।
बैलगाड़ी पर सवार होकर सेवानिवृत्त अधिकारी रामचंद्र मूंदड़ा और अन्य लोग भीलवाड़ा में पर्यावरण संरक्षण संदेश यात्रा में शामिल हैं।
भीलवाड़ा में राजस्थान जन मंच की पहल पर अजमेर विद्युत वितरण निगम से 35 वर्षों की राजकीय सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हुए रामचंद्र मूंदड़ा की विदाई को यादगार बनाने के लिए अनूठा आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्हें बैलगाड़ी और साइकिलों के काफिले के साथ उनके निवास स्थान तक विदा किया गया।
भीलवाड़ा, 31 अक्टूबर। राजस्थान जन मंच के अध्यक्ष कैलाश सोनी ने रामचंद्र मूंदड़ा की सेवानिवृत्ति को यादगार बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से इस अनूठी पहल की शुरुआत की। अजमेर विद्युत वितरण निगम में 35 वर्षों की राजकीय सेवा पूरी करने के बाद अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए मूंदड़ा को सम्मानपूर्वक विदाई देने के लिए राजस्थान जन मंच के जिला पदाधिकारियों की टीम बैलगाड़ी पर सवार होकर जेल बिल्डिंग के सामने स्थित अजमेर विद्युत वितरण निगम कार्यालय से उनके घर तक पहुंची।
इस दौरान साइकिल क्लब के सदस्यों ने भी कार्यालय से साइकिलों का काफिला निकाला और मुख्य मार्गों से होते हुए उनके निवास स्थान तक साइकिल चलाकर उन्हें विदाई दी। आयोजन ने रामचंद्र मूंदड़ा की वर्षों की सेवाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ साइकिल के महत्व को भी रेखांकित किया। साइकिल को केवल आवागमन का साधन ही नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और आपसी आत्मीयता का प्रतीक बताते हुए इस पहल के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
विदाई कार्यक्रम में साइकिलों के काफिले के आगे ढोल-नगाड़े बज रहे थे, जबकि काफिले के पीछे बैलगाड़ी चल रही थी। बैलगाड़ी में सेवानिवृत्त हुए रामचंद्र मूंदड़ा, राजस्थान जन मंच के अध्यक्ष कैलाश सोनी और उनके परिवारजन सवार थे। मुख्य मार्गों से गुजरते इस अनूठे काफिले को देखने के लिए आमजन भी ठिठक गए और आयोजन की प्रशंसा की।
राजस्थान जन मंच की इस पहल ने सेवानिवृत्ति के पारंपरिक विदाई कार्यक्रम को पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश से जोड़ते हुए रामचंद्र मूंदड़ा की 35 वर्षों की राजकीय सेवा को यादगार विदाई दी।