भीलवाड़ा के 41 स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर, बच्चों को बताए सुरक्षित शिक्षा के कानूनी अधिकार
भीलवाड़ा के 41 सरकारी और निजी विद्यालयों में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित हुए। बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन, स्वच्छ पेयजल, अलग शौचालय, खेल मैदान और हेल्पलाइन 1098 व 15100 की जानकारी दी गई।
भीलवाड़ा के एक स्कूल में 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' अभियान के तहत आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में छात्राओं को संबोधित करतीं न्यायिक अधिकारी।
भीलवाड़ा में बच्चों को सुरक्षित शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराने और विद्यालयों में उनकी सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए मंगलवार, 13 अक्टूबर को जिले के 41 सरकारी और निजी विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ अभियान के तहत आयोजित इन शिविरों का विषय ‘सुरक्षित स्थान, जहाँ सपनों को पंख मिलते हैं’ रखा गया।
अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भीलवाड़ा श्री अभय जैन के निर्देशन में आयोजित शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विद्यालयों में सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण से जुड़े कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। बच्चों और शिक्षकों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत निर्धारित मानकों से अवगत कराया गया।
शिविरों में बताया गया कि हर मौसम में सुरक्षित रहने वाला विद्यालय भवन, स्वच्छ पेयजल, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय तथा सुरक्षित खेल का मैदान प्राप्त करना बच्चों का कानूनी अधिकार है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत भी सुरक्षित शिक्षा का वातावरण सुनिश्चित किया गया है।
न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को विद्यालयों में संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहने की जानकारी भी दी। उन्हें समझाया गया कि यदि स्कूल की छत में दरारें हों, प्लास्टर गिर रहा हो, बिजली के तार खुले हों या खेल का मैदान असुरक्षित हो, तो इसकी सूचना तत्काल शिक्षकों, माता-पिता या विद्यालय प्रबंधन समिति को देनी चाहिए।
किसी आपात स्थिति या दुर्घटना के समय बच्चों को बिना डरे चाइल्डलाइन हेल्पलाइन 1098 और नालसा हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क करने के लिए भी जागरूक किया गया। शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों की पहचान करने और समय पर संबंधित लोगों को सूचना देने के बारे में बताया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती रश्मि आर्य ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय और तालुका स्तर पर प्रत्येक न्यायिक अधिकारी ने विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ अभियान के अंतर्गत भीलवाड़ा न्याय क्षेत्र के पूरे जिले में प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को अलग-अलग विषयों पर नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
जिला मुख्यालय पर न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर शिविरों का आयोजन किया। इनमें श्री पवन कुमार सिंघल, न्यायाधीश, एसीडी कोर्ट; श्री महेन्द्र कुमार ढाबी, न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय संख्या 01; श्री बृजेश पंवार, न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय संख्या 02; श्री नवीन चौधरी, न्यायाधीश, एमएसीटी कोर्ट संख्या 01; सुश्री रेखा वाधवा, न्यायाधीश, पोक्सो न्यायालय संख्या 01; सुश्री मीना अग्रवाल, न्यायाधीश, वाणिज्य न्यायालय; श्री नगेन्द्र सिंह, न्यायाधीश, अपर जिला न्यायाधीश संख्या 02; श्री पवन काला, न्यायाधीश, अपर जिला न्यायाधीश संख्या 03; रिचा चौधरी, न्यायाधीश (म.उ.प्र.); निलेश सिंह चौधरी, न्यायाधीश (अजाध्जजा प्रकरण); और देवांगिनी औदिच्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, भीलवाड़ा सहित अन्य न्यायिक अधिकारी शामिल रहे।
जिले के 41 विद्यालयों में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, खेल मैदान और आपातकालीन सहायता से जुड़े अधिकारों की जानकारी दी गई। अभियान के तहत हर माह प्रथम और तृतीय मंगलवार को होने वाले शिविरों के जरिए विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।