भीलवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कक्षा में उपस्थित विद्यार्थी और वक्ता।   

भीलवाड़ा में पहली बार 20 नवंबर को राजाधिराज मेवाड़ धणी श्री गढ़बोर चारभुजानाथ की भव्य बारात का आगमन होगा। श्री तुलसीजी और शालिग्रामजी के 16108 विवाह महामहोत्सव के तहत आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन की तैयारियों की शुरुआत 15 अक्टूबर को भूमिपूजन और महाध्वज स्थापना के साथ होगी। शहर के आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउंड में होने वाले इस महोत्सव के कार्यक्रम 17 नवंबर से प्रारंभ होंगे।

श्री तुलसी शालिग्राम विवाह समिति, सकल सनातन परिवार भीलवाड़ा और समस्त श्री चारभुजा पदयात्री संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। भूमिपूजन एवं महाध्वज स्थापना समारोह 15 अक्टूबर, गुरुवार को अभिजीत लग्न में दोपहर 12.11 बजे मेडिसिटी ग्राउंड में होगा। इस अवसर पर 21 युगल पूजन करेंगे। महोत्सव के सूत्रधार श्रीविष्णु कृष्ण तनय महाराज और मुख्य आचार्य योगेन्द्र शर्मा वैदिक परंपराओं के अनुसार पूजन-अर्चन कराएंगे।

भूमिपूजन एवं महाध्वज स्थापना समारोह में महामंडलेश्वर हंसरामजी महाराज, महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज, महंत लक्ष्मणदास त्यागी, महंत बनवारीशरण काठियाबाबा, महंत रामदास रामायणी, महंत संतदास, महंत मोहनशरण शास्त्री, महंत श्रीलाल बाबा, महंत जोगेश्वरदास, पुजारी मुरारी पांडे, आशुतोष शर्मा और कल्याणमल शर्मा का सानिध्य प्राप्त होगा।

महोत्सव के संरक्षक मंडल में विनीत अग्रवाल, सांसद दामोदर अग्रवाल, विधायक अशोक कोठारी, नगर निगम महापौर जसवंत कंवर, उप महापौर राधेश्याम सोमानी, सामाजिक कार्यकर्ता ओम नराणीवाल, महिला संरक्षक मंजू पोखरना, प्रशान्त मेवाड़ा और मनोज शर्मा गोटेवाला शामिल हैं।

महोत्सव के संयोजक एस.एन. गग्गड़ ने बताया कि विराट भूमिपूजन एवं महाध्वज स्थापना समारोह को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति के अध्यक्ष राधेश्याम चेचाणी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेन्द्र कचोलिया, छगनलाल जैन, सचिव देवेन्द्र सोमाणी और हनुमान अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में तैयारियां की जा रही हैं। समिति के कोषाध्यक्ष सत्यनारायण मूंदड़ा, कार्यालय प्रभारी रजनीकांत आचार्य, सह सचिव परमेश्वर आचार्य, कुलदीप शर्मा, अलका जोशी और सोशल मीडिया प्रभारी हंसराज अठारिया सहित सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।

भूमिपूजन और महाध्वज स्थापना के साथ ही आयोजन स्थल पर महोत्सव से संबंधित तैयारियां व्यापक स्तर पर शुरू हो जाएंगी। सनातन संस्कृति के विराट स्वरूप को प्रदर्शित करने वाले इस आयोजन को लेकर भीलवाड़ा में तैयारियां तेज हैं। आयोजन में श्रद्धालुओं के श्री तुलसीजी के धर्म माता-पिता के रूप में सहभागी बनने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पंजीयन कराने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

महोत्सव के सूत्रधार श्रीविष्णु कृष्ण तनय महाराज और आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से शीघ्र पंजीयन कराने का आग्रह किया है, ताकि भीलवाड़ा में पहली बार आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक धार्मिक अवसर में कोई भी भक्त सहभागी बनने से वंचित न रहे।

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