तस्वीर में ग्राम पंचायत लबानिया में अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट करते हुए लोग दिख रहे हैं।

ग्राम पंचायत लबानिया में सांगोद पंचायत समिति की पहली हाईटैक लाइब्रेरी बनकर तैयार होने के बाद इसका लोकार्पण समारोहपूर्वक किया गया। संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमल कुमार मीणा, सेवानिवृत्त अनुसंधान अधिकारी ख्यालीराम मीणा, पूर्व जिला प्रमुख भरत मारन, सरपंच अरुणा मारन, पूर्व सरपंच बालमुकुंद मीणा, समाजसेवी कपिल मारन, लखन सिंह, विजयपाल, अशोक कुमार और राजकुमार की गरिमामयी उपस्थिति में लोकार्पण हुआ। इसके बाद लाइब्रेरी ग्रामीण विद्यार्थियों को सुपुर्द कर दी गई।

राज्य सरकार की पहल के तहत पंचायत समिति सांगोद की 4 ग्राम पंचायतों में हाईटैक लाइब्रेरी खोलने के लिए प्रथम चरण में चयन किया गया है। इसके लिए प्रत्येक पंचायत को लाखों रुपये का फंड प्रदान किया गया है। इस राशि से सर्वसुविधायुक्त पुस्तकालय कक्ष, फर्नीचर, कुर्सी-मेज और नेट कनेक्शन की व्यवस्था की गई है।

ग्राम पंचायत लबानिया में तैयार की गई हाईटैक लाइब्रेरी में ज्ञानवर्धक पुस्तकों के साथ कंप्यूटर और हाई-फाई इंटरनेट कनेक्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। सरपंच अरूणा कपिल मारन ने बताया कि लाइब्रेरी पूरी तरह एयरकंडीशन है, जिससे गर्मी के मौसम में भी विद्यार्थी आराम से बैठकर अपनी रुचि का साहित्य और पुस्तकें पढ़ सकेंगे।

लाइब्रेरी प्रतिदिन ग्राम पंचायत कार्यालय के समय के अनुसार खुली रहेगी। इसकी देखरेख के लिए एक चौकीदार भी तैनात रहेगा। ग्रामीण बेरोजगार युवाओं और विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के एक ही छत के नीचे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और एकांत में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। यहां राज्य और राष्ट्रीय स्तर की किताबें भी पढ़ने के लिए उपलब्ध रहेंगी।

ग्राम पंचायत मुख्यालय पर लंबे-चौड़े भू-भाग में स्थित इस भूमि पर पहले दान दी गई जमीन पर स्कूल संचालित होता था। वर्ष 1996 में परवन नदी में आई बाढ़ के कारण स्कूल भवन जर्जर हो गया था। इसी पुराने और जर्जर भवन के हॉल की मरम्मत करवाकर बुजुर्गों की पुण्यस्मृति में इसे आधुनिक पुस्तकालय का रूप दिया गया है। यह पुस्तकालय क्षेत्र में एक मिसाल बन गया है।

सांगोद पंचायत समिति के स्वीकृत चार पुस्तकालयों में से लबानिया का यह पहला हाईटैक पुस्तकालय है, जिसे कम समय में आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर शुरू किया गया है। इससे स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ पढ़ाई और ज्ञानवर्धन के लिए गांव में ही सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

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