जलझूलनी एकादशी पर बारां में 10 अखाड़ों का होगा भव्य सम्मान, श्रेष्ठ को मिलेगा पुरस्कार Article
बारां में जलझूलनी एकादशी की डोल शोभायात्रा में 10 अखाड़ों का सम्मान होगा। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अखाड़े को विशेष पुरस्कार मिलेगा।
जलझूलनी एकादशी के अवसर पर शहर में निकलने वाली देव विमानों की भव्य डोल शोभायात्रा में शामिल सभी 10 अखाड़ों के संचालकों का श्री सर्राफा संघ, बारां की ओर से भव्य स्वागत एवं सम्मान किया जाएगा। इस दौरान उत्कृष्ट एवं आकर्षक शारीरिक प्रदर्शन करने वाले अखाड़े को विशेष पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, सनातन अखाड़ा संचालन समिति के अध्यक्ष चंदन सिंह महाराज को आपसी समन्वय, एकता और सौहार्द के प्रयासों के सम्मान में तलवार भेंट की जाएगी।
श्री सर्राफा संघ अध्यक्ष ललित मोहन खंडेलवाल, महामंत्री अश्वनी बांसल, हितेश कुमार सोनी, कोषाध्यक्ष प्रमोद कुमार थुणगर तथा संरक्षक विनोद कुमार गर्ग, राजेंद्र कुमार मंगल, जयनारायण हल्दिया, अनुराग जैन, ओमप्रकाश पोरवाल, अशोक कुमार गर्ग, सत्यनारायण मंगल, प्रदीप कुमार मित्तल एवं ओमप्रकाश माधोपुर वाले ने बताया कि जलझूलनी एकादशी की डोल शोभायात्रा बारां की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण उत्सव है। शोभायात्रा में विभिन्न अखाड़ों के युवा अपनी कला, अनुशासन, साहस और शारीरिक कौशल का प्रदर्शन करते हैं।
उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में शामिल सभी अखाड़ों के संचालकों का सर्राफा बाजार में श्रीफल भेंट कर, शॉल ओढ़ाकर एवं साफा पहनाकर सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही अखाड़ों द्वारा प्रस्तुत भव्य एवं उत्कृष्ट शारीरिक प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अखाड़े को विशेष पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
सर्राफा संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अखाड़े पारंपरिक संस्कृति, शौर्य, अनुशासन और युवा शक्ति के प्रतीक हैं। इन परंपराओं को जीवंत बनाए रखने तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने में अखाड़ा संचालकों और कलाकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसी भावना से सर्राफा संघ ने सभी अखाड़ा संचालकों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
इस अवसर पर सनातन अखाड़ा संचालन समिति के अध्यक्ष चंदन सिंह महाराज का भी विशेष स्वागत एवं सम्मान किया जाएगा। सभी अखाड़ों के बीच आपसी समन्वय, एकता और सौहार्द बनाए रखने के उनके प्रयासों के सम्मान में श्री सर्राफा संघ की ओर से उन्हें तलवार भेंट कर सम्मानित किया जाएगा।
सर्राफा संघ ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में डोल शोभायात्रा में शामिल होकर अखाड़ों के कलाकारों का उत्साहवर्धन करने तथा शहर की इस गौरवशाली धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा को भव्य बनाने में सहभागिता निभाने का आह्वान किया है।