पर्यावरण असंतुलन पर भानू पोरवाल ने उठाए सवाल, शाहाबाद में वृक्ष कटाई रोकने की मांग
बारां में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भानू पोरवाल ने शाहाबाद में वृक्ष कटाई रोकने और जंगलों के संरक्षण की मांग उठाई। स्वामी विवेकानंद पार्क के पुराने वृक्षों की कटाई और प्रस्तावित हाइड्रो पावर प्लांट पर भी सवाल उठाए।
तस्वीर में बारां में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों की कटाई के विरोध से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधि और लोग दिखाई दे रहे हैं।
बारां। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए आमजन में व्यापक जनजागृति की आवश्यकता है। वृक्ष मित्र फाउंडेशन के जिला संयोजक भानू पोरवाल ने कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ और अंधाधुंध वृक्षों की कटाई पर सरकार को सख्ती से रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पर्यावरण असंतुलित हो चुका है और चारों ओर प्रदूषण फैला हुआ है।
भानू पोरवाल ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन के लिए सरकारें, नेता और जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं, वहीं आमजन की जिम्मेदारी भी कम नहीं है। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे पर दोषारोपण करने और जिम्मेदारियां दूसरों पर डालते रहने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक प्रत्येक व्यक्ति स्वयं जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक पर्यावरण संतुलन स्थापित करना कठिन रहेगा।
उन्होंने कहा कि जिले के हरियाली से अटे पड़े सहरिया आदिवासी अंचल शाहाबाद उपखंड क्षेत्र में सरकार के आदेश के अनुसार लाखों वृक्षों की कटाई हो रही है। उनके अनुसार शाहाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में हरे वृक्षों की कटाई की जा रही है और इसे रोकने वाला कोई नहीं है।
पोरवाल ने जिला मुख्यालय पर कोटा रोड स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क में पांच दशक पुराने वृक्षों की कटाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की अनदेखी के चलते इन वृक्षों को बिना किसी की इजाजत लिए काट दिया गया। इस मामले में जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा को बारां व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश बाटा, भारत तिब्बत सहयोग मंच के प्रांतीय प्रचार प्रमुख राजेंद्र शर्मा, होटल फेडरेशन के जिलाध्यक्ष हरिओम अग्रवाल, कृषि उपज मंडी के वरिष्ठ व्यापारी आनंद बंसल एवं दिनेश बंसल, राजेंद्र पंडित, दिलीप चौबे, भगवती सोनी, हेमंत गुप्ता और नरेश सोमानी की अगुवाई में ज्ञापन देकर तत्काल जांच की मांग की गई थी।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस विषय पर किसी ने अमल नहीं किया। बाद में केवल खानापूर्ति के लिए जांच की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और किसी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा गया था।
वृक्ष मित्र मंडल के जिला संयोजक और पर्यावरण संरक्षण विचार मंच के भानू पोरवाल ने कहा कि सरकार को राज्य के अरावली क्षेत्र से लेकर शाहाबाद के जंगलों तक को संरक्षित रखने के वास्तविक उपाय करने चाहिए। उन्होंने शाहाबाद में प्रस्तावित हाइड्रो पावर प्लांट को कहीं अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की, ताकि हरे-भरे वृक्षों को जीवित रखते हुए पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
पोरवाल ने कहा कि दुनियाभर में कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाएं और विपदाएं इसलिए आ रही हैं कि मनुष्य, सरकारी तंत्र के नुमाइंदे, नेता और जनप्रतिनिधि पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के नाम पर प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ों और पहाड़ियों पर पाई जाने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियों को नष्ट कर कहीं सड़क मार्ग तो कहीं हाइड्रो पावर प्लांट स्थापित करने में लगी हुई है। उनके अनुसार इसी कारण कहीं बाढ़ तो कहीं लैंडस्लाइड जैसी प्राकृतिक आपदाएं सामने आ रही हैं।
भानू पोरवाल ने कहा कि विकास नहीं किया जाना चाहिए, ऐसा नहीं है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सुरक्षा भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि हाइड्रो पावर प्लांट को कहीं अन्यत्र स्थानांतरित कर सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे वृक्षों को सुरक्षित रखा जा सके और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के प्रयास किए जा सकें।