तस्वीर में बारां में नायक समाज की बैठक के दौरान विरोध प्रदर्शन करते लोग नजर आ रहे हैं।   

बारां में नायक समाज की विभिन्न मांगों और जातिगत सूचियों में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर नायक जनजाति अधिकार संघर्ष समिति, राजस्थान की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। प्रदेश पदाधिकारियों के सानिध्य में हुई बैठक में मांगों के समाधान को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक में राजस्थान नायक समाज विकास संस्था के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम नायक, नायक जनजाति अधिकार संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत नायक, अखिल भारतीय नायक सभा के युवा प्रदेशाध्यक्ष रोहित नायक सहित आंदोलन समिति के पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी रोहित नायक ने कहा कि 4 जून 2026 को जयपुर के शहीद स्मारक पर नायक समाज की विभिन्न मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जातिगत सूचियों में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है।

नायक समाज की प्रमुख मांगों में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओबीसी सूची में क्रम संख्या 91 पर अंकित भोपा/भोपा (नायक) को विलोपित करना शामिल है। इसके साथ ही डिनोटिफाइड जातियों की सूची में क्रम संख्या 7 पर दर्ज नाईक को संशोधित कर नाईक (नायक) / Naik (Nayak) किए जाने की मांग की गई है।

समाज की तीसरी मांग अनुसूचित जाति की सूची में क्रम संख्या 57 से नायक जाति का नाम विलोपित करने की है। वहीं अनुसूचित जनजाति की सूची में क्रम संख्या 10 पर अंकित नायका शब्द को हटाकर केवल नायक किए जाने की मांग रखी गई है।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से इन मांगों को लेकर समाज संघर्ष कर रहा है। 4 जून को दिए गए ज्ञापन के बावजूद समाधान नहीं होने से समाज में नाराजगी है।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है तो राजस्थान का नायक समाज अपनी मांगों को लेकर राजस्थान विधानसभा की ओर कूच करेगा तथा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। आंदोलन को व्यापक स्तर पर संचालित करने के लिए प्रदेशभर के पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं से संपर्क किया जाएगा।

बैठक में रक्षपाल सिंह नायक, रूपाराम नायक, पन्नालाल नायक, चेतराम नायक, भूराराम, सुरज्ञान सिंह, ललित नायक, पप्पूराम, कन्हैयालाल नायक, फतेश नायक सहित अनेक समाजबंधुओं ने अपने विचार रखे और आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। अब नायक समाज की चार प्रमुख मांगों पर कार्रवाई और प्रस्तावित आंदोलन को लेकर आगामी कदम पर नजर रहेगी।

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