विश्व पर्यटन दिवस पर बारां से शाहबाद तक प्राकृतिक विरासत यात्रा, वन-जैव विविधता का होगा अध्ययन
विश्व पर्यटन दिवस पर बारां से शाहबाद प्राकृतिक विरासत यात्रा में प्रतिभागी जंगल, जैव-विविधता, इतिहास और पुरातत्व से रूबरू होंगे।
विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर के उपलक्ष्य में इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटेक) बाराँ चैप्टर और चम्बल संसद, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में विशेष “बाराँ से शाहबाद प्राकृतिक विरासत यात्रा” का आयोजन किया गया है। यात्रा में हाड़ौती की प्राकृतिक एवं पुरातात्विक संपदा, सघन वन क्षेत्र और जैव-विविधता से प्रतिभागियों को रूबरू कराया जाएगा।
इस विरासत यात्रा का उद्देश्य हाड़ौती अंचल की अनूठी प्राकृतिक धरोहर, ऐतिहासिक स्थलों और सघन वन संपदा के प्रति आमजन में संरक्षण का भाव जगाना तथा क्षेत्र में इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करना है।
यात्रा सुबह कोटा से रवाना होकर बाराँ होते हुए ऐतिहासिक एवं वनाच्छादित क्षेत्र शाहबाद पहुंचेगी। इसमें पर्यावरणविद, इतिहासकार, हेरिटेज विशेषज्ञ, जल एवं नदी संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ता तथा युवा प्रतिभागी शामिल रहेंगे। यात्रा के दौरान प्रतिभागी मार्ग में आने वाले प्रमुख प्राकृतिक स्थलों और पारंपरिक जल स्रोतों का अध्ययन करते हुए शाहबाद तक का सफर तय करेंगे।
आयोजन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव राष्ट्रीय स्तर पर चल रही ‘काशी से वडनगर (गुजरात) जन जागृति यात्रा’ के साथ समन्वय रहेगा। शाहबाद मार्ग पर विरासत यात्रा के सदस्य काशी-वडनगर यात्रा के यात्रियों और समन्वयकों से आत्मीय भेंट करेंगे। इस दौरान दोनों यात्राओं के प्रतिनिधि जल, जंगल, जमीन, स्थानीय संस्कृति और जन-जागरण से जुड़े साझा विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।
शाहबाद पहुंचने के बाद यात्रा दल शाहबाद के ऐतिहासिक दुर्ग और उसके आसपास फैले प्रसिद्ध सघन वन क्षेत्र का फील्ड विजिट करेगा। यह क्षेत्र समृद्ध वनस्पतियों और वन्यजीवों के साथ विंध्य पर्वतमाला के दुर्लभ पठारी पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतिनिधित्व करता है। विशेषज्ञ प्रतिभागियों को स्थानीय जैव-विविधता, औषधीय पौधों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देंगे।
विरासत यात्रा का समापन जंगल में इतिहास, पुरातत्व और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित एक परिचर्चा के साथ होगा। इस आयोजन के माध्यम से हाड़ौती की प्राकृतिक और पुरातात्विक विरासत के अध्ययन के साथ उसके संरक्षण तथा इको-टूरिज्म को लेकर जन-जागरण से जुड़े विषयों पर संवाद का अवसर मिलेगा।