बारां में श्री वशिष्ठ रजक समाज का अभिनंदन समारोह, पार्षदों का सम्मान और संत गाडगे महाराज के नाम पर चौराहे की मांग
श्रीराम जानकी मंदिर में आयोजित समारोह में जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया गया और संत गाडगे जी महाराज के नाम पर चौराहे के नामकरण की मांग रखी गई।
बारां के अस्पताल रोड स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान रजक धोबी समाज के प्रतिनिधि और नवनिर्वाचित पदाधिकारी एकत्र हुए।
बारां में श्री वशिष्ठ रजक धोबी समाज नगर पंचायत की ओर से अस्पताल रोड स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर परिषद बारां के पूर्व सभापति एवं पार्षद कमल राठौर, उपसभापति तेजेश सुमन और समाज के पार्षदों का साफा, माला, शाल, मोमेंटो और गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया। समारोह में नगर परिषद चुनाव में विजयी प्रत्याशियों, समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और वरिष्ठजनों का भी सम्मान किया गया।
समारोह के दौरान नगर परिषद चुनाव में वार्ड 19 से विजयी कलावती पंकज और वार्ड 24 से विजयी जयप्रकाश पंकज (दिलीप पंकज) का विशेष अभिनंदन किया गया। समाज के नवनिर्वाचित नवयुवक मंडल अध्यक्ष लोकेश पंकज और महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष कांति बाई पंकज को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इसके बाद दोनों पदाधिकारियों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान समाज की ओर से शहर में संत श्री गाडगे जी महाराज के नाम पर चौराहे का नामकरण करने और वहां उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। नगर पंचायत अध्यक्ष कन्हैया लाल मोरिला ने तेल फैक्ट्री स्थित समाज की धर्मशाला (छात्रावास) में इंटरलॉकिंग सड़क बनवाने की मांग भी रखी। दोनों मांगों को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इन्हें पूरा कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
नवनिर्वाचित सभापति कमल राठौर ने आश्वासन दिया कि संत गाडगे जयंती से पहले दोनों मांगों को शीघ्र पूरा किया जाएगा। उनके इस आश्वासन के साथ समाज की ओर से उठाए गए चौराहे के नामकरण, संत की प्रतिमा स्थापना और धर्मशाला तक इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के मुद्दे समारोह के प्रमुख केंद्र रहे।
कार्यक्रम में संयोजक मांगी लाल सिंगोरिया, पूर्व अध्यक्ष हेमराज खैराली सहित समाज के बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सदस्य उपस्थित रहे। समारोह के माध्यम से समाज के जनप्रतिनिधियों, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और वरिष्ठजनों का सम्मान करने के साथ ही समाज से जुड़ी प्रमुख मांगों को भी सामने रखा गया।