महाराजा अग्रसेन जयंती: बारां में निकली भव्य शोभायात्रा, सजीव झांकियों ने मोहा मन
बारां में महाराजा अग्रसेन जयंती पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा में 18 घोड़े, सजीव झांकियां और बैंड-बाजे शामिल रहे। इस दौरान सामूहिक भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
बारां में महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में शामिल समाजबंधु.
बारां में महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर 11 अक्टूबर को निकली भव्य शोभायात्रा में धार्मिक आस्था, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक आयोजनों का अनूठा संगम देखने को मिला। 18 घोड़ों, सजीव झांकियों, भगवान सत्यनारायणजी के विमान और बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा ने लोगों का मन मोह लिया। समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर जन्मोत्सव को विशेष बनाया।
सुबह मंदिर में हवन के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। रविवार को दोपहर 3 बजे मंदिर श्री सत्यनारायण भगवान, चौमुखा बाजार से शोभायात्रा रवाना हुई। इसमें 18 घोड़े, आकर्षक सजीव झांकियां, भगवान सत्यनारायणजी का विमान, बैंड-बाजे, डीजे और सजे हुए वाहन शामिल रहे। समाजबंधु पारंपरिक वेशभूषा में उत्साह के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए।
शोभायात्रा सार्वजनिक संस्था धर्मादा धर्मशाला पहुंची, जहां सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पुरुष सफेद कुर्ता-पायजामा और महिलाएं लाल साड़ी अथवा लाल चुनरी में नजर आईं।
श्री वैष्णव अग्रवाल पंचायत के अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत समानता, सहयोग और जनकल्याण का मार्ग दिखाते हैं। उनकी शिक्षाओं को व्यवहार में अपनाना ही जयंती की सार्थकता है।
पंचायत के महामंत्री सतीश अग्रवाल ने आयोजन में समाज की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी सहयोगकर्ताओं का आभार जताया। पंचायत के मंत्री श्री वीरेंद्र गोयल और श्री राहुल बंसल ने भी सामाजिक परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने पर जोर दिया।
जन्मोत्सव के तहत आयोजित ‘अग्र रन’ के माध्यम से फिटनेस का संदेश दिया गया। वहीं, महिला संगठन की ओर से आयोजित ‘अग्रसेन महा तंबोला’, डांडिया-गरबा, ग्रैंड तंबोला और फन फेयर ने उत्सव में मनोरंजन और सांस्कृतिक रंग भरे। इन आयोजनों में समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पंचायत के मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता अरुण गर्ग ने सभी आयोजनों में सहयोग देने वाले सदस्यों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। धार्मिक कार्यक्रमों, भव्य शोभायात्रा, सामूहिक भोज और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव ने बारां में सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।