राजकीय महाविद्यालय बारां में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र के तहत आयोजित आत्मरक्षा और कराटे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संकाय सदस्य और प्रशिक्षक।

बारां। राजकीय महाविद्यालय बारां में छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाने और उनमें आत्मविश्वास, साहस तथा सुरक्षा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई केंद्र के माध्यम से नियमित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शुरू किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत छात्राओं को कराटे की मूलभूत तकनीकों के साथ अप्रिय परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए जा रहे हैं।

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर तनवीर खान एवं मनोहारी ने छात्राओं को कराटे की अपर पंच, मिडिल पंच, लोअर पंच और ब्लॉकेज जैसी मूलभूत तकनीकों का अभ्यास कराया। इसके साथ ही आत्मरक्षा के व्यावहारिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए छात्राओं को सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी गई।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दीपक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण छात्राओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इस तरह का प्रशिक्षण उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग बनाने के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रोत्साहित करता है।

रानी लक्ष्मीबाई केंद्र की प्रभारी प्रो. नीलाक्षी शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होते हैं। उन्होंने केंद्र के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

केंद्र की सह प्रभारी डॉ. लीनता अरोड़ा ने कहा कि किसी भी अप्रिय परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्क रहना, सुरक्षित स्थान पर पहुंचना और आवश्यकता पड़ने पर किसी विश्वसनीय व्यक्ति या पुलिस की सहायता लेना महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुरक्षा के प्रति सजग रहने और परिस्थितियों के अनुसार उचित कदम उठाने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम के अंत में महिला प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. भावना मीणा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई केंद्र के माध्यम से छात्राओं में सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने की भावना विकसित होगी।

इस अवसर पर शारीरिक शिक्षा निदेशक सीबी शर्मा, प्रो. विवेक कुमार नागर, प्रो. अनीता गुर्जर, डॉ. हिमानी भाटिया सहित संकाय के सभी सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कराटे प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीकों से परिचित कराने और उनमें सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल की गई है।

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