बारां में ऐतिहासिक डोल मेले के समापन समारोह के दौरान नगर परिषद सभापति शीतल राठौर, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग नजर आ रहे हैं।   

बारां। ऐतिहासिक डोल मेले के समापन के साथ ही अगले वर्ष इसके स्वरूप को और भव्य बनाने की घोषणा की गई है। जिला मुख्यालय पर लगभग एक पखवाड़े से अधिक दिनों तक आयोजित मेले के विधिवत समापन समारोह में नगर परिषद सभापति शीतल राठौर ने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं और इन्हें सहेजकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस विरासत को संरक्षित रखने में नगर परिषद बोर्ड के साथ आमजन की भी महती भूमिका है। मेले केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि परंपराओं, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक भी हैं।

सभापति शीतल राठौर ने कहा कि जब नया बोर्ड बना, तब तक प्रशासन मेले की तैयारियां पूरी कर चुका था। इसके बावजूद जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने दुकानों का किराया कम किया, झूलों की बढ़ी हुई दरों पर लगाम लगाई और मेला व्यापारियों को राहत देने के लिए आयोजन की अवधि दो दिन बढ़ाई। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आगामी वर्षों में डोल मेले को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाया जाएगा।

समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व उप प्रधान संदीप शर्मा ने कहा कि जनता ने नए बोर्ड को खुलकर आशीर्वाद दिया है। ऐसे में बोर्ड की जिम्मेदारी है कि वह आमजन की अपेक्षाओं पर खरा उतरे। उन्होंने मेले की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ शहर के समुचित विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की आवश्यकता जताई।

पूर्व सभापति कमल राठौर ने कहा कि उनका बोर्ड जनता के लिए समर्पित है। उन्होंने आमजन से अपील की कि एक साल बाद बारां शहर की सूरत में बदलाव देखने को मिलेगा। शहर को विकसित करते हुए स्मार्ट सिटी के स्वरूप में ढालना उनका उद्देश्य है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी वर्ष डोल मेले का क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही मंच को विशाल रूप देकर मेला परिसर का विस्तार किया जाएगा, ताकि मेले का स्वरूप अधिक आकर्षक बने और दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पूर्व उप प्रधान रामहेत मीणा ने कहा कि विकास के अवरोध अब खुल गए हैं। उनके अनुसार, पिछले 15 वर्षों से आमजन पीड़ा झेल रहा था, लेकिन नए बोर्ड के गठन से लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है। मजीद सलीम ने कहा कि अब शहर में विकास का परचम लहराएगा। इस मौके पर जितेंद्र शर्मा और शिवसेना जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह हाड़ा सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

डोल मेला अध्यक्ष नीरज नागर ने समारोह में उपस्थित अतिथियों, सहयोगियों और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। समापन समारोह में नगर परिषद की ओर से डोल मेले के आयोजन में सहयोग देने वाले विभिन्न अखाड़ों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों, नर्सिंग कर्मचारियों, पुलिस दल, विद्युत विभाग के कर्मचारियों तथा उत्कृष्ट व्यापारियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समारोह में मेले के सफल आयोजन में विभिन्न विभागों, कर्मचारियों, व्यापारियों और सहयोगियों के योगदान की सराहना की गई। साथ ही आगामी वर्ष मेले का क्षेत्रफल बढ़ाने, विशाल मंच तैयार करने और परिसर का विस्तार करने की घोषणा ने अगले आयोजन को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं।

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