Baran EVM Randomization: बारां में नगर निकाय चुनाव को लेकर ईवीएम का प्रथम रैंडमाइजेशन
जिला कलक्टर की अध्यक्षता में 260 ईवीएम का रैंडमाइजेशन हुआ, साथ ही शिक्षक दिवस पर नवाचारी शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
मिनी सचिवालय के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते जिला कलक्टर।
नगर निकाय आम चुनाव के तहत मतदान के लिए प्रयुक्त होने वाली ईवीएम मशीनों का शनिवार को प्रथम रेण्डमाइजेशन किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी व कलक्टर बालमुकुंद असावा की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक में जिले के सभी छह निकायों में मतदान के लिए उपयोग ली जाने वाली ईवीएम की बेलट यूनिट व कंट्रोल यूनिट का निर्धारण किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से सभी निकायों के लिए अलग-अलग ईवीएम चिह्नित की गईं। साथ ही सभी निकायों के लिए 15 प्रतिशत ईवीएम अलग से आरक्षित की गईं। एनआईसी की जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी पूनम पाटनी ने एलईडी स्क्रीन पर प्रक्रिया प्रदर्शित करते हुए प्रथम रेण्डमाइजेशन की प्रक्रिया पूर्ण की।
रेण्डमाइजेशन के माध्यम से नगर परिषद बारां में 110, अंता, छबड़ा व मांगरोल में 35-35, सीसवाली में 20 और अटरू में 25 ईवीएम सहित कुल 260 ईवीएम चिह्नित की गईं। इसके साथ ही सभी निकाय क्षेत्रों के लिए 15 प्रतिशत ईवीएम आरक्षित रखी गईं। बैठक में एडीएम भंवरलाल जनागल, रिटर्निंग अधिकारी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि व अभ्यर्थी मौजूद रहे।
शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को मिनी सचिवालय स्थित एनआईसी सभागार में नवाचारी एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान समारोह तथा मिशन सामर्थ्य - समर्थ युवा की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा ने विद्यालयों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 5 नवाचारी शिक्षकों को सम्मानित किया और उनसे सीधा संवाद किया। सम्मानित शिक्षकों में आरती शर्मा, प्रधानाचार्य, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, सोरखण्ड कला, हरलाल मीणा, प्रधानाचार्य, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, कोयला, रवि कुमार वर्मा, उपप्राचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रातडिया, धर्मराज मीणा, प्रधानाध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सनगवां और अशोक मीणा, अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नवाबगंज शामिल हैं। जिला कलक्टर ने सभी शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने शिक्षा को केवल पेशा नहीं, मिशन बनाया है।
बैठक के दौरान जिले में संचालित 11 सामर्थ्य केंद्रों के मेंटर शिक्षकों एवं ऑनलाइन अध्यापन कराने वाले शिक्षकों से बिंदुवार चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों की उपस्थिति, उनकी रुचि और केंद्रों के संचालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन केंद्रों में उपकरण या तकनीकी समस्या है, उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए। जो केंद्र मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे हैं, उनके स्थान पर नए केंद्र स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए।
जिला कलक्टर असावा ने अपने विद्यालय निरीक्षणों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाओं में पूरे मनोयोग से भाग ले रहे हैं और अपने संशय दूर कर रहे हैं। यह हर्ष का विषय है कि नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ छात्र रीजनिंग, मानसिक योग्यता, स्पोकन इंग्लिश और सामान्य ज्ञान की भी तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को करियर गाइडेंस देना भी उतना ही जरूरी है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी हरिमोहन गालव सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।