तस्वीर में मंच से माइक पर संबोधित करते जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा नजर आ रहे हैं।   

बारां में ऐतिहासिक डोल मेले का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने कहा कि बारां का ऐतिहासिक डोल मेला जिले की सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मेले में दूसरे प्रदेशों से व्यापारी पहुंचते हैं और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मेलार्थी भी आते हैं। नगर परिषद ने इस बार आम मेलार्थियों की सुविधा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए हर वर्ग के लिए व्यवस्थाएं की हैं।

कलेक्टर असावा मंगलवार को मेला रंग मंच पर आयोजित डोल मेले के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आमजन से डोल मेले को अपना आयोजन मानकर प्रशासन और नगर परिषद का सहयोग करने की अपील की, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और भव्य रूप से संपन्न हो सके।

शुभ मुहूर्त में दोपहर 11 बजे मेला कैंप पर आयोजित समारोह में सर्वप्रथम अतिथियों ने भगवान गणेश की स्थापना कर विधिवत ध्वजारोहण किया। इसके बाद मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने फीता काटकर प्राचीन एवं भव्य डोल मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। शुभारंभ के साथ ही मेला परिसर में रौनक बढ़ गई और मेलार्थियों में उत्साह नजर आया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर बालमुकुंद असावा के साथ पुलिस अधीक्षक अभिषेक अड्डांशु, एडीएम भंवरलाल, विशेष अतिथि नगर परिषद आयुक्त अशोक शर्मा, नोडल अधिकारी रामबाबू, मेला प्रभारी विजय कुमार गालव, रजिस्ट्रार सौमित्र मंगल, नरसी स्वामी, श्यामलाल, धर्मराज, सीमा बैरवा एवं नारायण मीणा मौजूद रहे।

इस अवसर पर परिषद कर्मचारियों ने अतिथियों का साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। गणेश स्थापना, ध्वजारोहण और फीता काटकर शुभारंभ के साथ बारां का ऐतिहासिक डोल मेला औपचारिक रूप से शुरू हुआ, जहां प्रशासन और नगर परिषद की ओर से मेलार्थियों की सुविधा को केंद्र में रखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं।

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