तस्वीर में मीरजापुर के गुरु कृपा मण्डपम में आयोजित विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान वक्ता और मंच पर बैठे अतिथि नजर आ रहे हैं।

विश्व हिंदू परिषद के 62वें स्थापना दिवस के अवसर पर मीरजापुर नगर के गुरु कृपा मण्डपम, धुंधी कटरा में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संगठन की स्थापना, उद्देश्य, सामाजिक समरसता, राम जन्मभूमि आंदोलन और विभिन्न सेवा कार्यों से जुड़े विषयों पर वक्ताओं ने विस्तार से जानकारी दी।

मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के प्रान्त उपाध्यक्ष विद्याभूषण ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन सांदीपनि साधनालय, पवई, मुंबई स्थित स्वामी चिन्मयानंद जी के आश्रम में हुई थी। उन्होंने बताया कि परम पूज्य गुरुजी श्री माधव सदाशिवराव गोलवलकर, द्वितीय सरसंघचालक, दादासाहब आप्टे, हिंदुस्तान समाचार एजेंसी के संस्थापक आदि के चिंतन में 1960 के दशक में यह विचार आया कि हिंदू समाज जाति, भाषा और पंथ में बंटा है तथा उसे एक सूत्र में बांधना जरूरी है।



उन्होंने बताया कि ईसाई मिशनरियों द्वारा वनवासी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण, विदेशों में रह रहे हिंदुओं के लिए संगठनात्मक सहारे का अभाव तथा हिंदुओं की आस्था राम, कृष्ण, गोमाता और मंदिरों के सम्मान से जुड़े विषयों को लेकर भी चिंतन किया गया। इसी विचार से दादासाहब आप्टे ने समाज के सभी संप्रदायों के प्रमुखों को एक मंच पर लाने का विचार रखा। इसकी पहली बैठक 29 अगस्त 1964 को हुई।

इस बैठक में कुल 40-45 विशेष आमंत्रित लोग शामिल हुए, जो भारत के सभी मत-पंथों का प्रतिनिधित्व करते थे। बैठक में संत स्वामी चिन्मयानंद, राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज, स्वामी सत्यमित्रानंद, सिख समुदाय से मास्टर तारा सिंह, जैन समाज से आचार्य सुशील मुनि जी महाराज, बौद्ध से के.एम. मुंशी, भारत के पूर्व कृषि मंत्री, गीता प्रेस गोरखपुर के संस्थापक हनुमान प्रसाद पोद्दार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से श्री गुरुजी गोलवलकर उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथि जी.डी.बिन्नानी पी. जी. कालेज के प्राचार्य डॉ. अशोक सिंह ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित और जागृत करना, हिंदू धर्म के स्वत्वों, मानबिंदुओं और जीवन मूल्यों की रक्षा और संवर्धन, विश्वभर में फैले हिंदुओं से संपर्क, उनकी सहायता और सुदृढ़ीकरण संगठन के प्रमुख विषय हैं। उन्होंने हिंदू की परिभाषा बताते हुए कहा, "भारत में विकसित हुए जीवन मूल्यों में आस्था रखने वाला या स्वयं को हिंदू कहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है।" कार्यक्रम में इन मुख्य बिंदुओं पर चर्चा हुई।

विभाग मंत्री रामचन्द्र शुक्ल ने प्रथम विश्व हिंदू सम्मेलन का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रयाग कुंभ के दौरान 22 से 24 जनवरी 1966 को प्रयागराज में यह सम्मेलन आयोजित हुआ था। इसमें 12 देशों के 25,000 प्रतिनिधि और 300 बड़े संत सम्मिलित हुए। इतिहास में पहली बार चारों शंकराचार्य एक मंच पर आए। सम्मेलन में मैसूर के महाराज चामराज वाडियार को प्रथम अध्यक्ष और दादासाहब आप्टे को प्रथम महामंत्री घोषित किया गया।

उन्होंने बताया कि इसके बाद 13-14 दिसंबर 1969 को उडुपी धर्म संसद हुई। गुरुजी के विशेष प्रयास से भारत के सभी बड़े संतों ने एक स्वर में प्रस्ताव पारित किया- "हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत्" यानी सभी हिंदू भाई-भाई हैं, कोई हिंदू पतित (अछूत) नहीं है। यहीं से सामाजिक समरसता और छुआछूत उन्मूलन विहिप का स्थायी कार्यक्रम बना।

प्रान्त सत्संग प्रमुख महेश तिवारी ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद ने श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के लिए संतों के नेतृत्व में आंदोलन का बिगुल बजाया। उन्होंने बताया कि 1984 में बजरंग दल और 1991 में दुर्गा वाहिनी की स्थापना की गई। विश्व हिंदू परिषद द्वारा सेवा प्रकल्प, गौ शाला, विद्यालय, धर्मांतरण, लव जिहाद और लैंड जेहाद जैसे अनेक कार्य किए जा रहे हैं।

जिलाध्यक्ष हरिशंकर मिश्र ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को संस्कार देने की जरूरत है। उन्होंने हर घर में साप्ताहिक सत्संग आयोजित करने और एक समय का भोजन परिवार के सभी लोगों के साथ करने की बात कही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष राज माहेश्वरी ने की, जबकि संचालन नगर मंत्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर विभाग संयोजक प्रवीण, जिला सह मंत्री अभय मिश्र, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख अरविन्द सारस्वत, विमर्श प्रमुख अशोक दुबे, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री अशुकांत चुनाहे, लक्ष्मीकांत पाण्डेय, गौ सम्मान अभियान के प्रमुख ब्रह्मदेव त्रिपाठी, जिला कोषाध्यक्ष पंकज टंडन, विभाग सह संयोजक अशोक, जिला संयोजक बजरंग दल चन्द्र प्रकाश, देवप्रकाश पाठक, मयंक गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष सपना सिंह व अमर बहादुर सरोज, नगर सह मंत्री दीपक वर्मा, नगर सह संयोजक प्रमोद सोनकर, कार्यालय प्रमुख विजय, नगर सत्संग प्रमुख दिनय दुबे, मातृशक्ति प्रमुख शैफाली जैन, जिला कालेज विद्यार्थी सम्पर्क प्रमुख सुब्रतो गुप्ता, रूपनारायन अग्रहरि, भाजपा नेत्री दीपा उमर व शिखा अग्रवाल, गोवर्धन त्रिपाठी, पवन शर्मा और शुभ गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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