तस्वीर में हापुड़ जिला एवं सत्र न्यायालय का मुख्य प्रवेश द्वार नजर आ रहा है, जहां से लोग और सुरक्षाकर्मी आते-जाते दिख रहे हैं।

हापुड़ में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में हापुड़ पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला घटना के 1 माह 28 दिन के भीतर आया है।

मामला 13 जुलाई 2026 का है। कस्तला कास्माबाद, थाना पिलखुवा, जनपद हापुड़ निवासी अभिषेक उर्फ पुन्नू पुत्र सुनील उर्फ बालकिशोर पर आरोप है कि वह एक 6 वर्षीय नाबालिग बच्ची को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

घटना के संबंध में थाना पिलखुवा में मु0अ0सं0 358/2026 दर्ज किया गया था। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 65(2) और 5एम/6 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए 20 जुलाई 2026 को ही माननीय न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (DGP) द्वारा अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत इस मामले की प्रभावी पैरवी की गई। हापुड़ पुलिस की मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने अदालत में मजबूत पैरवी की।

इसी क्रम में 10 सितंबर 2026 को माननीय न्यायालय एडीजे/स्पेशल पॉक्सो एक्ट प्रथम, हापुड़ ने आरोपी अभिषेक उर्फ पुन्नू को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने आरोपी पर 15,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

मामले को शीघ्रता और मजबूती से अंजाम तक पहुंचाने में अभियोजन विभाग से श्री हरेन्द्र कुमार त्यागी, शासकीय अधिवक्ता, विवेचक निरीक्षक श्री नरेश कुमार, पैरोकार है0का0 देवेन्द्र कुमार और कोर्ट मोहर्रिर है0का0 प्रशान्त पाण्डेय का विशेष और सराहनीय योगदान रहा। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई इस कार्रवाई में 13 जुलाई की घटना के बाद 10 सितंबर 2026 को न्यायालय का फैसला सामने आया।

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