तस्वीर में हापुड़ की एक उर्वरक और पेस्टिसाइड दुकान के अंदर निरीक्षण करते हुए जिला कृषि अधिकारी की टीम नजर आ रही है।

हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण और असली कृषि इनपुट उपलब्ध कराने के लिए हापुड़ में खाद और पेस्टिसाइड विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी महोदया हापुड़ के निर्देशों के क्रम में जिला कृषि अधिकारी की टीम ने क्षेत्र में खाद और पेस्टिसाइड विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया।

जिला कृषि अधिकारी की टीम ने असोडा पैठ एवं दोयमी रोड स्थित दो प्रमुख उर्वरक व पेस्टिसाइड दुकानों पर औचक जांच की। कार्रवाई के दौरान दोनों बिक्री परिसरों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। जांच से मिलावटखोरी और निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

निरीक्षण के दौरान टीम ने कृषि उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए कुल 18 नमूने ग्रहित किए। सभी नमूनों को सील कर उच्च स्तरीय जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला जांच के बाद इन नमूनों की वास्तविक गुणवत्ता का पता लगाया जाएगा।

जांच के दौरान दोनों दुकानों पर नियमों की अनदेखी भी सामने आई। टीम के अनुसार, प्रथम दृष्टया उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) 1985 और कीटनाशक अधिनियम (Insecticides Act) 1968 का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों विक्रेताओं को मौके पर ही कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

नियमों के उल्लंघन को लेकर विभाग की ओर से दोनों विक्रेताओं के खिलाफ आगे की कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी, हापुड़ ने स्पष्ट किया कि किसानों के हित और फसलों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा। जनपद में यह चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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