मिर्ज़ापुर के स्कूल में बच्चों से ढुलाई और सफाई कराने का वीडियो वायरल, सपा ने कार्रवाई मांगी
मिर्ज़ापुर के पिउरी स्थित कम्पोजिट विद्यालय का वीडियो वायरल होने के बाद बच्चों से खाद्यान्न की बोरियां, लकड़ी ढुलवाने और सफाई कराने के आरोप लगे। सपा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
तस्वीर में जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में हाथ उठाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए सपा नेता रोहित शुक्ला 'लल्लू' और ग्रामीण नजर आ रहे हैं।
मिर्ज़ापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। विकास खण्ड पटेहरा की ग्रामसभा पिउरी स्थित कम्पोजिट विद्यालय का वीडियो वायरल होने के बाद बच्चों से स्कूल में काम कराने के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ गया है। समाजवादी पार्टी ने इसे बाल अधिकारों का हनन और बाल अधिकार अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए प्रधानाध्यापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
कम्पोजिट विद्यालय पिउरी में ग्रामसभा के अबोध, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। वायरल वीडियो में विद्यालय परिसर में बच्चों से खाद्यान्न की बोरियां ढुलवाने, मिड-डे मील का भोजन बनाने में प्रयुक्त लकड़ी की ढुलाई कराने तथा कक्षा-कक्ष में झाड़ू लगवाने का मामला सामने आया है।
सपा नेता रोहित शुक्ला 'लल्लू' ने आरोप लगाया है कि जानबूझकर बच्चों के अबोध मस्तिष्क का प्रयोग निजी स्वार्थ के लिए कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार विद्यालय का भ्रमण किया गया और आवश्यक सुझाव एवं कार्रवाई के लिए बीएसए मीरजापुर से भी शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी और बाल अधिकारों के उल्लंघन पर रोक नहीं लगाई जा सकी।
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय की संचालन व्यवस्था पर एकाधिकार होना प्रतीत हो रहा है। कम्पोजिट विद्यालय चेरुईराम तक जाने का मामला ठंडा हुआ भी नहीं था कि कम्पोजिट विद्यालय पिउरी के वायरल वीडियो ने प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।
वीडियो वायरल होने के बाद विद्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। इसी बीच ग्रामीणों के साथ सपा नेता रोहित शुक्ला 'लल्लू' गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की। सपा ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए इसे बाल अधिकार अधिनियम के उल्लंघन का मामला बताया है।