उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों के लिए बड़ा फैसला, सेवा निगम की हुई शुरुआत
उत्तर प्रदेश में 5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों के लिए बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवा निगम की शुरुआत की।
तस्वीर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में कार्यरत 5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों के लिए 2 सितंबर 2026 का दिन महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 02 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं बृजेश पाठक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के "लोगों" का अनावरण भी किया।
नए निगम के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों को सेवा प्रदाता एजेंसियों के शोषण से राहत दिलाने, सेवा सुरक्षा उपलब्ध कराने, ईपीएफ, ईएसआई जैसी सुविधाएं देने तथा दुर्घटना बीमा और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया गया है। मानदेय में बढ़ोतरी और सेवा प्रदाता एजेंसियों की मनमानी पर अंकुश लगाने की भी उम्मीद जताई गई है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मियों की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को सेवा प्रदाता एजेंसियों के शोषण से निजात दिलाने, सेवा सुरक्षा देने, ईपीएफ, ईएसआई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा दुर्घटना बीमा और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने का मुद्दा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 30 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के दौरान उठाया था। इसके बाद हुई दो अन्य मुलाकातों में भी संयुक्त परिषद के माध्यम से मुख्यमंत्री को आउटसोर्स कर्मियों के शोषण से लगातार अवगत कराया गया।
जे एन तिवारी ने कहा कि आखिरकार वह दिन आ गया जब मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ कर दिया। निगम के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों को संस्थागत सुरक्षित भविष्य की गारंटी दी जाएगी। उनकी सेवा से संबंधित समस्त जानकारी के लिए एक पोर्टल भी विकसित किया गया है, जिस पर कर्मचारियों की पूरी सूचना उपलब्ध रहेगी। आउटसोर्स कर्मियों को सेवा संरक्षण का लाभ उनके पारिवारिक जनों को भी मिलेगा।
चुनावी वर्ष में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत किए जाने को संयुक्त परिषद ने प्रदेश की जनता के लिए सकारात्मक संदेश बताया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आउटसोर्स कर्मियों के लिए सेवा संरक्षण की मांग करते हुए तीन वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद उन्हें नियमित सेवा में लिए जाने की प्रक्रिया निर्धारित करने की मांग की थी। शासन ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की 50 प्रतिशत मांग स्वीकार कर ली है, जबकि आउटसोर्स कर्मियों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया निर्धारित कराने के लिए संयुक्त परिषद का प्रयास जारी रहेगा।
जे एन तिवारी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति में अभी भी जेम पोर्टल बीच में आ रहा है। हालांकि जेम पोर्टल पर अंकुश लगाने की बात कही जा रही है, लेकिन आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति सीधे निगम के माध्यम से की जानी चाहिए।
लघु, सूक्ष्म, मध्यम उद्योग विभाग ने पहले भी आउटसोर्स कर्मियों के सेवा संरक्षण और प्रत्येक माह की 5 तारीख तक उनके खाते में वेतन भेजे जाने के शासनादेश जारी किए हैं, लेकिन उनका कोई खास लाभ आउटसोर्स कर्मियों को नहीं मिल पा रहा था। अब निगम के पर्यवेक्षण में इन व्यवस्थाओं के प्रभावी रूप से लागू होने की उम्मीद है।
जे एन तिवारी ने यह भी कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि निगम के शुभारंभ से पहले से जो कर्मचारी कार्य कर रहे हैं, वे जिस भी स्थिति में काम कर रहे हैं, उन्हें सेवा से निकाला नहीं जाएगा। कई विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा से बाहर किए जाने की सूचनाएं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद को प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम ऑनलाइन कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा, लेकिन पहले से कार्य कर रहे कर्मियों को सबसे पहले सेवा सुरक्षा और बढ़े हुए मानदेय का लाभ दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सेवा प्रदाता एजेंसियों के शोषण से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए नियुक्ति के समय धन उगाही, कम योग्यता वाले कर्मियों को रखकर कम मानदेय दिए जाने, निर्धारित काम के घंटे से अधिक कार्य लिए जाने तथा मानदेय से कटौती किए जाने संबंधी भ्रष्टाचार की जानकारी दी थी। संयुक्त परिषद ने उम्मीद जताई है कि आउटसोर्स निगम के माध्यम से इस प्रकार के भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और निगम इस दिशा में काम करेगा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के सलाहकार ओम प्रकाश गौड़, रामेश्वर पांडे, निरंजन कुमार श्रीवास्तव और ओमप्रकाश पांडे, कार्यवाहक अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे, महामंत्री अरुणा शुक्ला, उपाध्यक्ष आदित्य नारायण झा, उमानाथ तिवारी, शिवाकांत द्विवेदी, अखिलेश सिंह और कोषाध्यक्ष नितिन गोस्वामी ने भी आउटसोर्स सेवा निगम के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा प्रदेश के सभी आउटसोर्स कर्मियों को बधाई दी।
संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आउटसोर्स कर्मियों के लिए यह मुख्यमंत्री का तोहफा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के शुभारंभ के साथ संयुक्त परिषद की एक मांग मुख्यमंत्री ने पूरी की है। इसके लिए संयुक्त परिषद की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत के साथ अब लाखों आउटसोर्स कर्मियों की सेवा सुरक्षा, मानदेय, सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं और सेवा प्रदाता एजेंसियों की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों के लिए एक संस्थागत व्यवस्था सामने आई है।