चंदौली पुलिस की गिरफ्त में खड़ा आरोपी और उसके साथ मौजूद पुलिसकर्मी।

चंदौली। इलिया थाना क्षेत्र में एक साल पहले 12 गोवंशीय पशुओं की बरामदगी के मामले में वांछित चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी समसाद राइन को इलिया पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने बांदा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

मामला 20 अगस्त 2025 का है। इलिया पुलिस ने बनरसिया नहर माइनर के पास चेकिंग के दौरान सूचना के आधार पर दो पिकअप वाहनों को पकड़ा था। दोनों वाहनों में 12 गोवंशीय पशुओं को क्रूरतापूर्वक लादकर बिहार ले जाया जा रहा था। पुलिस टीम को देखते ही वाहन चालक पिकअप छोड़कर फरार हो गए थे।

जांच के दौरान दोनों वाहनों के स्वामियों की जानकारी ई-चालान ऐप के जरिए सामने आई। इसके बाद इलिया थाने में मु0अ0सं0 61/2025 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले में गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5A/5B/8 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 लगाई गई थी।

विवेचना आगे बढ़ने पर फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र के इलाही डेरा निवासी करीब 32 वर्षीय समसाद राइन पुत्र रज्जब अली का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार वह मुकदमे में वांछित था। गिरफ्तारी नहीं होने पर उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।

पुलिस और सर्विलांस टीम को समसाद राइन की लोकेशन बांदा जिले में मिली। इसके बाद संयुक्त टीम ने बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रई गांव के पास नहर पुलिया पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक समसाद राइन के खिलाफ फतेहपुर के बिंदकी थाने में वर्ष 2013 में धारा 363, 376, 467, 468, 470, 471 आईपीसी तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत भी मुकदमा दर्ज है। वर्तमान में वह इलिया थाने के गोवध निवारण अधिनियम के मुकदमे में वांछित था।

गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई थानाध्यक्ष इलिया चंदन कुमार राय और सर्विलांस सेल प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक गिरीश वल्लभ शुक्ल, हेड कांस्टेबल मनीष कुमार सिंह, कांस्टेबल अभिषेक श्रीवास्तव, अतुल सिंह राहुल, हेड कांस्टेबल नारायण दत्त यादव और सर्विलांस सेल के कांस्टेबल गणेश तिवारी शामिल रहे।

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