आईजीआरएस रैंकिंग में मेरठ रेंज को प्रदेश में पहला स्थान मिलने पर डीआईजी कलानिधि नैथानी ने समीक्षा बैठक की।

उत्तर प्रदेश में जनशिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के मामले में मेरठ रेंज ने प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया है। अक्टूबर 2026 की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर जारी IGRS (जनसुनवाई समन्वय शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में मेरठ परिक्षेत्र के चारों जिलों मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ ने भी प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ चारों जिलों ने रेंज के प्रदर्शन को नई पहचान दिलाई है।

इस सफलता पर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने रेंज के सभी पुलिस कप्तानों और पुलिस टीम को बधाई दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप IGRS, जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर कानूनी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया गया। शिकायतों पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के चलते मेरठ रेंज को प्रदेश में पहला स्थान मिला है।

रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद डीआईजी कलानिधि नैथानी ने भविष्य में भी इस प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए रेंज के सभी जनपद प्रभारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए संबंधित अधिकारी को स्वयं मौके पर पहुंचना होगा। थाने में बैठकर या केवल फोन के माध्यम से जांच रिपोर्ट तैयार कर अपलोड करने की प्रथा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीआईजी ने यह भी निर्देश दिया कि IGRS प्रार्थना पत्र की जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने से पहले थाना प्रभारी स्वयं शिकायतकर्ता से फीडबैक लेंगे। जांच आख्या में घटनास्थल की सटीक भौगोलिक स्थिति यानी Latitude और Longitude का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

शिकायतों के निस्तारण की निगरानी के लिए हर 15 दिन में नोडल अधिकारी स्वयं समीक्षा करेंगे। वहीं, लंबित मामलों की स्थिति जानने और उनके निस्तारण में तेजी लाने के लिए प्रत्येक सप्ताह मॉनिटरिंग बैठक आयोजित होगी। डीआईजी ने थानों के रजिस्टरों को भी हमेशा अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने बेहतर और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनपद स्तर पर प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित करने की व्यवस्था के निर्देश भी दिए, ताकि शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता और जवाबदेही बनी रहे।

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने चारों जनपदों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि जनशिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण करना पुलिस का मुख्य कर्तव्य है। समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई होने से जनता को सीधा लाभ मिलता है और पुलिस तथा आमजन के बीच विश्वास एवं संवाद मजबूत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण से पुलिस के खिलाफ आने वाली शिकायतों में भी भारी कमी आती है।

मेरठ रेंज के चारों जिलों की यह उपलब्धि IGRS रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन के साथ जनशिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में जवाबदेही, नियमित समीक्षा और शिकायतकर्ताओं के फीडबैक को प्राथमिकता देने के निर्देशों को भी रेखांकित करती है।

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