IGRS रैंकिंग में हापुड़ का शानदार प्रदर्शन, यूपी में 7वां और मेरठ मंडल में पहला स्थान
हापुड़ ने IGRS अक्टूबर 2026 की रैंकिंग में प्रदेश के 75 जिलों में सातवां और मेरठ मंडल में पहला स्थान हासिल किया है। जानिए डीएम कविता मीना ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए और आम जनता से क्या अपील की।
उत्तर प्रदेश में जन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के मामले में हापुड़ जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश सरकार के IGRS (जनसुनवाई) पोर्टल की अक्टूबर 2026 की रैंकिंग में हापुड़ को प्रदेश के 75 जिलों में सातवां स्थान मिला है। वहीं, मेरठ मंडल में जिले ने पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि से जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह है।
जिलाधिकारी कविता मीना ने जिले की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसका श्रेय सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत को दिया। उन्होंने कहा, "यह सफलता सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है।"
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर कोई शिकायत बिना वजह लंबित नहीं रहनी चाहिए। साथ ही, शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से संतुष्टि संबंधी फीडबैक लेना भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी कविता मीना ने जनपदवासियों से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बिचौलियों के चक्कर में न पड़ने और सीधे सरकारी व्यवस्था का उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि लोग उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक IGRS पोर्टल http://igrs.up.gov.in या 'जनसुनवाई ऐप' के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत शिकायत पर की गई प्रत्येक कार्रवाई की लाइव अपडेट आवेदक को SMS के जरिए मिलती रहती है।
हापुड़ को प्रदेश स्तर पर सातवां और मेरठ मंडल में पहला स्थान मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्रुति शर्मा, अपर जिलाधिकारी (ADM) संदीप कुमार सहित जिले के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। अधिकारियों का कहना है कि इस उपलब्धि से प्रशासनिक टीम का मनोबल बढ़ा है और आने वाले समय में रैंकिंग को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
IGRS रैंकिंग में हापुड़ का यह प्रदर्शन जन शिकायतों के निस्तारण में प्रशासनिक समन्वय, जवाबदेही और समयबद्धता बनाए रखने के प्रयासों को दर्शाता है।