हापुड़ में व्यापारियों के लिए राज्य कर विभाग द्वारा ब्याज माफी योजना-2026 पर बैठक आयोजित की गई

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुराने टैक्स बकाये से परेशान व्यापारियों को राहत देने के लिए राज्य कर विभाग ने ब्याज माफी योजना-2026 शुरू की है। इस योजना के तहत व्यापारियों को मूल बकाया टैक्स जमा करने पर ब्याज में 50 से 100 प्रतिशत तक और अर्थदण्ड यानी जुर्माने में 100 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। योजना की जानकारी व्यापारियों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए चण्डी रोड स्थित चैम्बर ऑफ कॉमर्स में जिला प्रशासन, राज्य कर विभाग के अधिकारियों और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अधिकारियों ने व्यापारियों को योजना की पात्रता, छूट की श्रेणियों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने का आश्वासन भी दिया गया।

शासन के आदेश संख्या-1/1497681/2026/11-3-2026, दिनांक 16.10.2026 के अनुसार, ब्याज माफी योजना-2026 शासनादेश जारी होने की तारीख से अगले तीन महीने तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित बकायों को शामिल किया गया है।

योजना में मूल बकाये की राशि के आधार पर ब्याज में अलग-अलग छूट निर्धारित की गई है। जिन व्यापारियों का मूल बकाया 10 लाख रुपये तक है, उन्हें ब्याज और अर्थदण्ड दोनों में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। यानी उन्हें ब्याज और जुर्माने के रूप में कोई अतिरिक्त राशि जमा नहीं करनी होगी।

इसी तरह 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के मूल बकाये पर ब्याज में 90 प्रतिशत छूट मिलेगी और शेष 10 प्रतिशत ब्याज जमा करना होगा। एक करोड़ रुपये से पांच करोड़ रुपये तक के बकाये पर ब्याज में 75 प्रतिशत छूट दी जाएगी, जबकि शेष 25 प्रतिशत जमा करना होगा। पांच करोड़ रुपये से अधिक के मूल बकाये पर ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी और शेष 50 प्रतिशत ब्याज जमा करना होगा। इन सभी श्रेणियों में अर्थदण्ड और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए मूल बकाये की पूरी राशि जमा करना अनिवार्य होगा।

यह योजना उत्तर प्रदेश बिक्री कर अधिनियम-1948, केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956, यूपी आमोद एवं पणकर अधिनियम-1979, यूपी व्यापार कर अधिनियम-1995, यूपी प्रवेश कर अधिनियम-2007 और यूपी वैट (VAT) अधिनियम-2008 के तहत लंबित बकाया मामलों पर लागू होगी।

योजना के दायरे में स्वीकृत या आरोपित टैक्स के साथ-साथ विभिन्न न्यायालयों में वर्तमान में लंबित और निर्णित मामले भी शामिल हैं। व्यापारियों को प्रत्येक कर आदेश से सृजित मांग के लिए अलग-अलग आवेदन करना होगा। इसके अलावा, जिन व्यापारियों ने योजना लागू होने से पहले ही मूल धनराशि का आंशिक या पूरा भुगतान कर दिया है, वे भी ब्याज और पेनल्टी माफी का लाभ लेने के पात्र होंगे।

हापुड़ मंडल के उपायुक्त (प्रभारी) राज्य कर ने व्यापारियों से निर्धारित समयावधि के भीतर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। योजना से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए व्यापारी राज्य कर कार्यालय, खण्ड-1, हापुड़ में संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए उपायुक्त राज्य कर लाल चन्द्र का मोबाइल नंबर 7235002819 जारी किया गया है।

बैठक में व्यापारिक संगठनों की ओर से ललित अग्रवाल, पवन गर्ग, संजय अग्रवाल, आशुतोष सिंघल, मुनिन्द्र कुमार, नितिन गर्ग और जितिन अग्रवाल शामिल हुए। वहीं, राज्य कर विभाग की ओर से उपायुक्त राम भवन, लाल चन्द्र, नीरज कुमार वर्मा, सहायक आयुक्त ऋचा प्रिया, दुर्गेश कुमार, जय प्रकाश तथा राज्य कर अधिकारी भानू प्रताप सिंह, योगेन्द्र कुमार, जोहा अब्बास और अरविन्द कुमार शर्मा उपस्थित रहे।

राज्य सरकार की इस योजना से निर्धारित तारीख तक के पुराने टैक्स बकाये वाले व्यापारियों को ब्याज और जुर्माने में बड़ी राहत पाने का अवसर मिलेगा। इसके लिए मूल बकाये का पूरा भुगतान और निर्धारित समयसीमा में आवेदन करना जरूरी होगा।

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