हापुड़ के उबारपुर बिजलीघर में ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों की अनुशासनहीनता का वीडियो वायरल हुआ।   

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के उबारपुर बिजलीघर में ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों की कथित अनुशासनहीनता का मामला सामने आया है। यहां ड्यूटी पर तैनात दो कर्मचारियों का कथित तौर पर शराब पीने और नॉनवेज की दावत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में दोनों कर्मचारी शराब और भोजन के बाद बिजलीघर परिसर में बिस्तरों पर सोते नजर आ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद ऊर्जा निगम के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, उबारपुर बिजलीघर पर अपने काम से पहुंचे एक उपभोक्ता ने कर्मचारियों को कथित तौर पर शराब पीते और नॉनवेज खाते देखा। इसके बाद उसने चुपके से अपने मोबाइल फोन में पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। कुछ ही समय में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की ड्यूटी के प्रति जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वायरल वीडियो में उबारपुर बिजलीघर पर तैनात टीजी-टू (TG-2) कर्मचारी सोनू और एसएसओ (SSO) मनीष कुमार कथित तौर पर ऑन-ड्यूटी शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। दोनों के सामने मेज पर नॉनवेज भोजन भी रखा हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में शराब और भोजन का दौर समाप्त होने के बाद दोनों कर्मचारी बिजलीघर परिसर में ही बिस्तरों पर सोते दिखाई देते हैं।

कर्मचारियों की इस कथित लापरवाही को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और बिजली उपभोक्ताओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि बिजलीघर से दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति संचालित होती है और बिजली लाइनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी यहीं तैनात कर्मचारियों पर होती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों का शराब पीना और सो जाना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया कि यदि ऑन-ड्यूटी कर्मचारी शराब के नशे में रहेंगे, तो बिजली आपूर्ति में तकनीकी खराबी आने या किसी आपातकालीन स्थिति में व्यवस्था कौन संभालेगा। इस घटना को लेकर लोगों ने कर्मचारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है।

मामले के सामने आने और वीडियो वायरल होने के बाद ऊर्जा निगम के उच्च अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है। विद्युत वितरण खंड (पिलखुवा) के अधिशासी अभियंता मनीष कुमार यादव ने बताया कि पूरा प्रकरण उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने संबंधित डिवीजन के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) को मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

मनीष कुमार यादव के अनुसार, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का इस तरह का अनुशासनहीन आचरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ होने वाली विभागीय कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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