हापुड़ में ABDM सम्मेलन: DM कविता मीना ने निजी अस्पतालों और डॉक्टरों से की डिजिटल मिशन से जुड़ने की अपील
हापुड़ के सरस्वती मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित हुआ। DM कविता मीना ने निजी अस्पतालों और डॉक्टरों से जुड़ने की अपील की। जानिए आभा आईडी और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड पर क्या हुई चर्चा।
हापुड़ के सरस्वती मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन पर जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित हुआ।
हापुड़ के पिलखुवा स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में जिलाधिकारी कविता मीना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलाइजेशन पर जोर देते हुए जिले के निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और चिकित्सकों से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्लेटफॉर्म से जल्द जुड़ने की अपील की।
सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा और प्रस्तुतियां दी गईं। इसमें आभा आईडी (ABHA ID) बनाने की प्रक्रिया और नागरिकों को इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही मरीजों के मेडिकल इतिहास को सुरक्षित रखने और डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की उपयोगिता पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में हेल्थ रजिस्ट्री के माध्यम से जिले के स्वास्थ्य संसाधनों और डॉक्टरों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करने से जुड़े पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन देश की स्वास्थ्य प्रणाली को बदलने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने जिले के सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और चिकित्सकों से जल्द से जल्द इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस मिशन से जुड़ने पर मरीजों को अपनी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट साथ लेकर घूमने की मजबूरी से राहत मिलेगी। वहीं, डिजिटल रूप में उपलब्ध स्वास्थ्य रिकॉर्ड से डॉक्टरों को मरीजों का मेडिकल इतिहास समझने और सटीक इलाज करने में मदद मिलेगी।
इस जिला स्तरीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और डिजिटल तकनीकों का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ चिकित्सा जगत से जुड़े बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सम्मेलन के माध्यम से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल विस्तार और निजी चिकित्सा संस्थानों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।