मिठाइयों पर ‘यूज बाय डेट’ अनिवार्य, 15 अक्टूबर से लागू नियम के बावजूद खुर्जा में इंतजार
प्रदेश में 15 अक्टूबर से खुली मिठाइयों पर ‘यूज बाय डेट’ लिखना अनिवार्य है, लेकिन खुर्जा में अब भी सभी दुकानों पर नियम लागू नहीं हुआ है। जानिए दुकानदारों की तैयारी और मिठाइयों की ताजगी से जुड़े नए निर्देश।
त्योहारों के दौरान मिठाइयों की खरीदारी करने वाले ग्राहकों को अब मिठाई की ताजगी और उसके सेवन की अंतिम तारीख की जानकारी मिल सकेगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बिक्री के लिए प्रदर्शित और भंडारित खुली मिठाइयों पर ‘यूज बाय डेट’ यानी उपयोग की अंतिम तारीख लिखना अनिवार्य कर दिया है। प्रदेशभर में यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू हो चुकी है, लेकिन खुर्जा में अभी तक सभी दुकानों पर इसका पालन शुरू नहीं हुआ है। कहीं मिठाइयों की ट्रे पर तारीख के टैग लगाने की तैयारी चल रही है तो कहीं नई व्यवस्था के तहत बदलाव दिखाई देने लगा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त रोशन जैकब की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, दुकानदारों को मिठाइयों की ट्रे पर ऐसे टैग लगाने होंगे, जिन पर निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम अवधि स्पष्ट रूप से दर्ज हो। इससे ग्राहक मिठाई खरीदने से पहले उसकी ताजगी और सेवन की उपयुक्त अवधि की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
नई व्यवस्था का उद्देश्य खाद्य पदार्थों के संबंध में ग्राहकों को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके तहत ग्राहक मिठाई की कीमत और गुणवत्ता के साथ यह भी जान सकेंगे कि उसका सेवन कब तक करना उचित है। त्योहारों के दौरान उपहार के रूप में मिठाई खरीदने और दूसरे शहरों में भेजने वाले लोगों के लिए भी यह जानकारी उपयोगी होगी।
खुर्जा में शुरुआती पड़ताल के दौरान नियमों के अनुपालन की स्थिति अलग-अलग नजर आई। कुछ दुकानदारों ने मिठाइयों पर तारीख दर्शाने वाले टैग लगाने शुरू कर दिए हैं, जबकि कुछ दुकानदार अभी टैग तैयार कराने और जल्द ही व्यवस्था लागू करने की बात कह रहे हैं। ऐसे में सभी संबंधित दुकानों पर नियम का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग की बढ़ गई है।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी मिठाइयों की उपयोग अवधि एक समान नहीं होती। दूध, खोया, छेना, घी और मेवों से तैयार मिठाइयों की प्रकृति और उन्हें सुरक्षित रखने की परिस्थितियों के आधार पर उनकी उपयोग अवधि अलग-अलग हो सकती है। कुछ मिठाइयों का एक दिन के भीतर सेवन करना उचित होता है, जबकि कुछ उत्पाद निर्धारित परिस्थितियों में अधिक समय तक सुरक्षित रह सकते हैं।
कलाकंद, रसगुल्ला और रसमलाई जैसी मिठाइयों के मामले में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इनके लिए प्रशीतन यानी फ्रिज में रखने और निर्धारित समय के भीतर सेवन करने की जानकारी ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मिठाई खरीदते समय ग्राहकों को उपयोग की अंतिम तारीख के साथ दुकान की साफ-सफाई, मिठाइयों के रखरखाव और भंडारण की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए। केवल आकर्षक सजावट और पैकिंग देखकर मिठाई की गुणवत्ता का अनुमान लगाना उचित नहीं है।
नई व्यवस्था से मिठाई कारोबार में पारदर्शिता बढ़ने और ग्राहकों का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा, जब सभी दुकानदार निर्धारित नियमों का पालन करेंगे और खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्था की निगरानी करेगा। फिलहाल 15 अक्टूबर से प्रदेशभर में नियम लागू होने के बाद खुर्जा में इसके पूरी तरह प्रभावी होने का इंतजार है। अब ग्राहकों की नजर मिठाइयों की ट्रे पर लगने वाले तारीख के टैग पर रहेगी।