कासगंज में कानून-व्यवस्था पर एसपी ओपी सिंह सख्त, जनशिकायतों में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
जनपद में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और आईजीआरएस शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
कासगंज पुलिस कार्यालय सभागार में एसपी ओपी सिंह पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए।
कासगंज में जनशिकायतों के निस्तारण, महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावी जनसुनवाई, त्वरित न्याय और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस पुलिस की प्राथमिकता है। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
दिनांक 27/28 अक्टूबर 2026 की रात्रि में पुलिस अधीक्षक कासगंज ओपी सिंह ने पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। इसमें जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी और सभी थाना एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक में जनसुनवाई, आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण, महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, साइबर अपराध और अपराधियों की निगरानी से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने थानों और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनता दर्शन के दौरान आने वाले प्रत्येक पीड़ित की समस्या को गंभीरता से सुनने और प्रभावी जनसुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस (IGRS) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और शिकायती प्रार्थना-पत्रों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण करने पर जोर दिया, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद को त्वरित न्याय मिल सके। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति फेज-6 अभियान की समीक्षा के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, जागरूकता कार्यक्रमों, एंटी रोमियो स्क्वॉड की सक्रियता तथा थानों पर गठित महिला हेल्पडेस्क पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रगति पर चर्चा की गई। इन कार्यों की सराहना करते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
जनपद को जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट बनाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। इस दौरान गठित सीसी (CC) टीमों के कार्यों, स्पीड लेजर गन और ब्रेथ एनालाइजर के प्रयोग तथा ओवरस्पीडिंग, ड्रंकन ड्राइविंग और अवैध कटों के विरुद्ध की जा रही प्रवर्तन कार्रवाई की जानकारी ली गई। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के उद्देश्य से इन उपायों के क्रियान्वयन पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
साइबर अपराधों की समीक्षा में साइबर हेल्पडेस्क पर प्राप्त शिकायतों और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में धनराशि होल्ड कराकर वापस दिलाने की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके साथ ही सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तथा डिजिटल वालंटियर्स की गतिविधियों की समीक्षा की गई।
बैठक में हिस्ट्रीशीटर (HS) और यक्ष ऐप (Yaksha App) पर की जा रही फीडिंग से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। यक्ष ऐप पर अपराधियों के भौतिक सत्यापन, ग्राम और मोहल्लों की फीडिंग तथा नए हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रगति की जानकारी ली गई। इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए रखना है।
पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने समीक्षा बैठक में जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण, महिला एवं बालिका सुरक्षा, यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई, साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण और अपराधियों की निगरानी से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में इन सभी क्षेत्रों में जवाबदेही और कार्यों की प्रभावशीलता पर जोर दिया गया।