एटा सर्राफा लूट कांड का आरोपी बदमाश बिरेंद्र दिख रहा है।

एटा में सर्राफा कारोबारी से लाखों रुपये की लूट के आरोपी एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बिरेंद्र को मंगलवार शाम पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। बिरेंद्र के खिलाफ 53 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।

अलीगंज के मेवाती मोहल्ले में 22 तारीख को मां सरस्वती ज्वेलर्स के नाम से कारोबार करने वाले सर्राफा कारोबारी संजय यादव के साथ लूट की वारदात हुई थी। बदमाशों ने कारोबारी से करीब 10 किलो चांदी, 250 ग्राम सोना और एक लाख रुपये नकद लूट लिए थे। लाखों रुपये की इस लूट के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।

पुलिस के मुताबिक, बिरेंद्र ने 21 अक्टूबर को उन्नाव में बाइक चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोप है कि इसी चोरी की बाइक का इस्तेमाल अगले दिन 22 तारीख को एटा के अलीगंज स्थित मेवाती मोहल्ले में सर्राफा कारोबारी से लूट की घटना को अंजाम देने के लिए किया गया था।

लूट की वारदात के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास तेज कर छह टीमें गठित की थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी आगरा जोन इस के भगत ने 25 अक्टूबर को बिरेंद्र पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

बिरेंद्र पुत्र गुमान सिंह मूल रूप से मैनपुरी जिले के हरचंदपुर का निवासी था। उसके खिलाफ दर्ज 53 मुकदमों के आधार पर पुलिस उसे शातिर अपराधी मान रही थी। मंगलवार शाम हुई मुठभेड़ में बिरेंद्र मारा गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मी के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

पुलिस अब फरार साथी की तलाश में जुटी है। अलीगंज में सर्राफा कारोबारी से 10 किलो चांदी, 250 ग्राम सोना और एक लाख रुपये नकद की लूट के मामले में बिरेंद्र की मौत के बाद फरार आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के सामने अगली चुनौती है। इस मामले में एसएसपी इलमारन की बाइट भी दी गई है।

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