हापुड़ न्यायालय ने पिलखुवा के मोटरसाइकिल चोरी मामले में दो अभियुक्तों को सजा सुनाई।

हापुड़ पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते मोटरसाइकिल चोरी के मामले में दो अभियुक्तों को न्यायालय से सजा सुनाई गई है। पिलखुवा थाना पुलिस द्वारा चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को अदालत ने उनके द्वारा जेल में बिताई गई 1 वर्ष 7 माह की अवधि की सजा से दंडित किया है। साथ ही दोनों पर 1,500-1,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जनपद में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई सामने आई है। पिलखुवा थाना पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते मामले में न्यायिक कार्रवाई पूरी हुई।

पुलिस के अनुसार, थाना पिलखुवा पुलिस ने अमन उर्फ राहुल और निखिल को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में दोनों के खिलाफ थाना पिलखुवा में मु0अ0सं0 160/2025 दर्ज किया गया था। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 317(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए साक्ष्य एकत्र किए और निर्धारित समय पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।

न्यायालय में सुनवाई के दौरान हापुड़ पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के मद्देनजर दोनों अभियुक्तों ने अदालत के समक्ष अपना जुर्म इकबाल कर लिया। इसके आधार पर न्यायालय ने अमन उर्फ राहुल और निखिल को उनके द्वारा जेल में बिताई गई 1 वर्ष 7 माह की अवधि की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त दोनों पर 1,500-1,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिसकी कुल राशि 3,000 रुपये है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

दोषसिद्ध अभियुक्तों में अमन उर्फ राहुल पुत्र उपेन्द्र और निखिल पुत्र उपेन्द्र शामिल हैं। दोनों गांधी बिहार, थाना पिलखुवा, जनपद हापुड़ के निवासी हैं।

हापुड़ पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए न्यायालयों में मुकदमों की प्रभावी पैरवी आगे भी जारी रहेगी। पुलिस की इस कार्रवाई में विवेचना से लेकर न्यायालय में पैरवी तक की प्रक्रिया के बाद दोनों अभियुक्तों को सजा मिली है।

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