पिलखुवा थाने में दर्ज गाड़ी चोरी मामले में प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को सुनाई सजा।

हापुड़ में गाड़ी चोरी के मामले में पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने अभियुक्त देवेन्द्र उर्फ डीके ठाकुर को जेल की सजा और अर्थदण्ड से दंडित किया है। पुलिस अधीक्षक हापुड़ के कुशल निर्देशन में पिलखुवा पुलिस की ओर से की गई मजबूत कानूनी पैरवी के चलते मामले में यह फैसला आया।

अभियुक्त देवेन्द्र उर्फ डीके ठाकुर के खिलाफ थाना पिलखुवा में गाड़ी चोरी के आरोप में मु0अ0सं0 654/2025 दर्ज किया गया था। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 317(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हापुड़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण से जुड़े ठोस साक्ष्य एकत्रित किए और समय से आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में पुलिस विभाग और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई तथा साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद माननीय न्यायालय ने जुर्म इकबाल के आधार पर उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई जा चुकी 11 माह 13 दिन की अवधि को ही उसकी मुख्य सजा माना। इसके साथ ही दोषी पर 15,00/- रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया।

दोषी देवेन्द्र उर्फ डीके ठाकुर पुत्र रामपाल, निवासी ग्राम खेड़ा, थाना पिलखुवा, जनपद हापुड़ का रहने वाला है।

गाड़ी चोरी के इस मामले में गिरफ्तारी से लेकर आरोप पत्र दाखिल करने और न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक हापुड़ पुलिस की कार्रवाई के बाद अभियुक्त को सजा मिली है। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में पुलिस की विधिक पैरवी की सराहना हो रही है। इससे अपराधियों में कानून का भय बनाए रखने की दिशा में पुलिस की कार्रवाई सामने आई है।

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