हापुड़ जिला एवं सत्र न्यायालय में 2015 के फर्जी नंबर प्लेट मामले की सुनवाई हुई।

हापुड़ में वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर धोखाधड़ी करने के 2015 के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 3,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। हापुड़ पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते यह फैसला सामने आया है।

मामला वर्ष 2015 का है। आरोपी सोनी वाहन पर छल और धोखाधड़ी से फर्जी नंबर प्लेट लगाकर परिवहन कर रहा था। इस संबंध में थाना सिंभावली, हापुड़ में उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 232/2015 के तहत धारा 420 भादवि (IPC) में मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस अधीक्षक (SP) हापुड़ के निर्देशन में सिंभावली पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने प्रकरण से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। इसके बाद अदालत में पुलिस की ओर से प्रभावी पैरवी की गई।

न्यायालय ने अभियुक्त की ओर से जुर्म इकबाल यानी अपराध स्वीकार किए जाने के आधार पर उसे जेल में बिताई गई 02 महीने और 14 दिन की अवधि की सजा सुनाई। साथ ही 3,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

दोषी सोनी पुत्र डोगरसिंह निवासी वाजिद के कला, थाना थुल्लीवाल, जनपद बरनाला (पंजाब) का रहने वाला है।

फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाने और धोखाधड़ी करने के इस मामले में न्यायालय का फैसला पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद आया है। हापुड़ पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तारी से लेकर साक्ष्य संकलन और आरोप पत्र दाखिल करने तक की प्रक्रिया शामिल रही।

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