हापुड़ की नवीन मंडी में आयोजित कृषक गोष्ठी में अतिथिगण पराली प्रबंधन और कृषि तकनीकों की जानकारी देते हुए।

हापुड़ में किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने और फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के साथ श्री अन्न के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जनपद स्तरीय कृषक गोष्ठी एवं मिलेट्स रेसिपी उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। हापुड़ नवीन मण्डी परिसर में कृषि विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, फसल अवशेष प्रबंधन और मिलेट्स के महत्व की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एवं माननीय सांसद प्रतिनिधि विनोद गुप्ता ने फीता काटकर किया। इसके बाद उन्होंने मेले में विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां प्रदर्शित योजनाओं एवं कृषि संबंधी जानकारियों का अवलोकन किया।


गोष्ठी में किसानों को पराली, गन्ने की पत्ती और अन्य फसल अवशेषों को खेतों में जलाने के बजाय उनके उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित किया गया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप फसल अवशेष प्रबंधन में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों की जानकारी भी दी गई। कृषि, उद्यान और पशुपालन सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर अपनी-अपनी कल्याणकारी योजनाओं का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान उप कृषि निदेशक योगेन्द्र कुमार ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों का स्वागत किया तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डा. अरविन्द कुमार, डा. अशोक कुमार और वैज्ञानिक डा. वीनिता ने किसानों को रबी फसलों की उन्नत तकनीकों, कीट एवं रोगों की पहचान और उनकी रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।

उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. ओमवीर सिंह ने शीत ऋतु में पशुओं को होने वाली बीमारियों और उनसे बचाव के तरीकों की जानकारी दी। वहीं, अरविन्द पपेट ग्रुप ने कठपुतली एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि विधियां अपनाने और पराली नहीं जलाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि विनोद गुप्ता ने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय खेत में ही सड़ाकर उनसे खाद तैयार करें, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में मदद मिले। उन्होंने आम जनता से भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए मिलेट्स यानी श्री अन्न की उपयोगिता समझने और इसे अपनी दैनिक भोजन की थाली में शामिल करने का आह्वान किया।

गोष्ठी के समापन पर उप कृषि निदेशक योगेन्द्र कुमार ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसान भाइयों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर केनरा बैंक के एल.डी.एम. आशीष सक्सैना, जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश और हिमांशु रंजन श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी एवं वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

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