हापुड़ में 600 किलो दूषित पनीर जब्त, मुरादाबाद से दिल्ली हो रही थी सप्लाई
हाईवे पर चेकिंग के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने अस्वच्छ स्थिति में ले जाया जा रहा बदबूदार पनीर पकड़ा और नष्ट कराया।
हापुड़ में हाईवे पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा अस्वच्छ पनीर की जांच करते अधिकारी।
हापुड़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हाईवे पर एक वाहन से 600 किलोग्राम दूषित और बदबूदार पनीर बरामद किया। मुरादाबाद से दिल्ली सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे इस पनीर को अस्वच्छ स्थिति में रखा गया था। विभाग की टीम ने जांच के लिए दो नमूने संग्रहित किए और शेष पनीर को मौके पर ही नष्ट करा दिया। नष्ट किए गए पनीर की अनुमानित बाजार कीमत 1,81,488 रुपये बताई गई है।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के आदेश तथा जिलाधिकारी हापुड़ के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) चन्द्र शेखर मिश्र के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने NH-9 पर चोटीवाला ढाबा के पास चेकिंग अभियान चलाया। बुधवार रात टीम ने संदिग्ध वाहन संख्या UP 21GT 2451, महिंद्रा वीरा को रोककर उसकी जांच की।
वाहन के निरीक्षण के दौरान एक प्लास्टिक ड्रम, एक बड़े फ्रीजर और दो बड़ी पेटियों में कुल 600 किलोग्राम पनीर रखा मिला। पनीर को अस्वच्छ स्थिति में रखा गया था और उसे सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल की गई बर्फ भी अखाद्य थी। जांच के दौरान पनीर से तेज खट्टापन और बदबू आ रही थी। पूछताछ में सामने आया कि पनीर को मुरादाबाद से दिल्ली में आपूर्ति के लिए ले जाया जा रहा था।
पनीर में मिलावट और उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के संदेह पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की। गुणवत्ता की सटीक जांच के लिए मौके पर ही पनीर के दो नमूने संग्रहित किए गए। इसके बाद दूषित और बदबूदार पनीर को बाजार में पहुंचने से रोकने के लिए JCB की मदद से गहरा गड्ढा खुदवाया गया। टीम ने शेष 597 किलोग्राम पनीर को नियमानुसार मिट्टी में दबाकर पूरी तरह नष्ट करा दिया। नष्ट किए गए पनीर की अनुमानित बाजार कीमत 1,81,488 रुपये आंकी गई।
इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय चन्द्र शेखर मिश्र ने किया। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोवेन्द्र सिंह और आर. पी. गंगवार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से दूषित खाद्य पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाने के प्रयासों को बल मिला है। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।