एटा के कालिंदी घाट पर राष्ट्रीय नदी दिवस के अवसर पर आयोजित गंगा उत्सव में गंगा आरती और प्रस्तुतियां देते कलाकार व छात्र।

एटा के कालिंदी घाट पर राष्ट्रीय नदी दिवस के अवसर पर आयोजित गंगा उत्सव में धार्मिक आस्था और नदी संरक्षण का संदेश एक साथ देखने को मिला। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनारस की तर्ज पर आयोजित भव्य गंगा आरती रही, जिसमें वाराणसी से आए आरती कलाकारों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ मां कालिंदी की आरती की। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण से घाट का स्वरूप आध्यात्मिक हो गया। आयोजन के जरिए नदी संरक्षण, स्वच्छता और जल स्रोतों के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया।

गंगा उत्सव के तहत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता से कई जागरूकता एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें नीराथॉन, गंगा क्विज, ड्रॉइंग, पेंटिंग और नुक्कड़ नाटक प्रमुख रहे। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से नदियों के महत्व, जल संरक्षण, नदी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश दिए। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं और आमजन को नदियों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ जनभागीदारी को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री प्रमोद गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मारहरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री वीरेंद्र सिंह लोधी और श्री प्रेमपाल सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। माय भारत की जिला युवा अधिकारी सुश्री उपासना सिरोही भी उपस्थित रहीं। इनके अलावा भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रमोद गुप्ता ने कहा कि जनपद एटा में इस तरह के भव्य और जनभागीदारी वाले आयोजन पहले देखने को नहीं मिलते थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद काली नदी के घाट पर प्रतिवर्ष भव्य गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही नदी संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां भी लगातार आयोजित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नदियों के प्रति समाज में श्रद्धा के साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव भी जागृत करते हैं।

विधायक श्री वीरेंद्र सिंह लोधी ने काली नदी के घाट को विकसित कर आकर्षक और भव्य स्वरूप देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि काली नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर है। इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने नदी तट पर प्रस्तावित पार्क का शिलान्यास भी किया। साथ ही घाट पर इस तरह के सांस्कृतिक, धार्मिक और जनजागरूकता से जुड़े आयोजनों को नियमित रूप से कराने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का संचालन माय भारत के प्रतिनिधि श्री सौरव कुमार और श्री प्रांजल कुमार ने किया। आयोजन की व्यवस्थाओं और गतिविधियों के सफल संचालन में नमामि गंगे की ओर से जिला परियोजना अधिकारी श्री आर्यन गौड़ तथा वन विभाग की ओर से क्षेत्रीय वन अधिकारी श्री केके जैन और वन दरोगा श्री पिंकी कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। माय भारत, नमामि गंगे और वन विभाग के समन्वय से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

राष्ट्रीय नदी दिवस पर आयोजित इस गंगा उत्सव में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत, युवा सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नदियों का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति और विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

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