कार्तिक पूर्णिमा मेला 2026: गढ़ गंगा घाट पर भूमि पूजन, समीक्षा बैठक आयोजित
मेरठ मंडलायुक्त और डीआईजी की मौजूदगी में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था को लेकर दिए गए कड़े निर्देश।
गढ़मुक्तेश्वर के गढ़ गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा मेला 2026 की तैयारियों के तहत भूमि पूजन करते अधिकारी।
हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर के पौराणिक एवं ऐतिहासिक गढ़ गंगा घाट पर आयोजित होने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेला 2026 की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ हो गया है। बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष, स्थानीय विधायक, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला स्थल पर पहुंचकर विधि-विधान से भूमि पूजन किया। इसके बाद पतित पावनी मां गंगा की आरती उतारकर मेले के सफल आयोजन की कामना की गई।
भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद मेरठ मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मेले को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों की तैयारियों, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मेरठ मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और डीआईजी मेरठ जोन कलानिधि नैथानी ने सभी विभागों के अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा, धैर्य और आपसी सौहार्द के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हापुड़ की जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने मेले से जुड़े सभी नोडल अधिकारियों को निर्धारित समय में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO), नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (EO) और संबंधित ठेकेदारों को सफाई व्यवस्था में विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस बार मेले में स्वच्छता को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।
यातायात व्यवस्था को लेकर यातायात निरीक्षक को मेले के सभी मार्गों का पहले से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में रूट डायवर्जन और यातायात नियंत्रण तत्काल किया जा सके। वहीं, मेले में होने वाली भैंसा दौड़ पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी ने पुलिस और मजिस्ट्रेट को आपसी समन्वय के साथ विशेष निगरानी रखने के आदेश दिए।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस क्षेत्राधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने और संभावित हादसों से बचाव के लिए गंगा घाटों के किनारे समय रहते मजबूत बैरिकेडिंग लगाने को कहा गया। मेले की निगरानी के लिए इस बार अधिक ऊंचाई वाले वॉच टावर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही रात के समय सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने मेले के पौराणिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इसे केवल सरकारी ड्यूटी नहीं, बल्कि श्रद्धा और सेवा भावना के साथ संपन्न कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाए।
भूमि पूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, गढ़मुक्तेश्वर विधायक हरेंद्र तेवतिया, मुख्य विकास अधिकारी श्रुति शर्मा, अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार, उप जिलाधिकारी गढ़मुक्तेश्वर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्राधिकारी गढ़मुक्तेश्वर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत शिशुपाल सिंह सहित वरिष्ठ भाजपा नेता, कार्यकर्ता तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
गढ़ गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा मेला 2026 की तैयारियों के शुभारंभ के साथ ही प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात नियंत्रण और घाटों की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं।