एटा। दीपावली पर्व 2026 पर आतिशबाजी और पटाखों की बिक्री के लिए एटा जिले की तहसील अलीगंज में अस्थायी लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है। प्रशासन ने इसके लिए आवेदन से लेकर दुकानों के आवंटन तक का कार्यक्रम जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि दुकानों का चयन पारदर्शी एवं निष्पक्ष लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर दुकान का संचालन तत्काल बंद कराने के साथ लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकेगी।

कार्यालय उप जिलाधिकारी, अलीगंज की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आगामी दीपावली पर्व पर आतिशबाजी (पटाखों) के अस्थायी लाइसेंस निर्गमन के संबंध में उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ के निर्देशों तथा जिलाधिकारी महोदय, एटा के आदेश दिनांक 29.10.2026 के अनुपालन में यह व्यवस्था की गई है। विस्फोटक अधिनियम, 1884, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 के लागू प्रावधानों तथा विस्फोटक नियमावली, 2008 के नियम 84 एवं नियम 84(4) के अंतर्गत निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार तहसील अलीगंज में आतिशबाजी की बिक्री के लिए केवल एक कलस्टर निर्धारित किया गया है। इस कलस्टर में अधिकतम 50 दुकानों की सीमा के साथ 40 अस्थायी दुकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

आतिशबाजी की दुकानें स्थापित करने के लिए निर्धारित स्थल डीबीवीएन इंटर कॉलेज, तहसील अलीगंज, जनपद एटा रहेगा। अस्थायी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रक्रिया 01.11.2026 से 03.11.2026 तक चलेगी। दुकानों का आवंटन करने के लिए 04.11.2026 को प्रातः 12:00 बजे लॉटरी निकाली जाएगी। आवेदन पत्र कार्यालय आशुलिपिक, उप जिलाधिकारी, अलीगंज में प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक प्राप्त किए जाएंगे। लॉटरी एवं दुकान आवंटन की प्रक्रिया तहसील सभागार, अलीगंज में संपन्न होगी। अस्थायी लाइसेंस की वैधता 06.11.2026 से 09.11.2026 तक, कुल चार दिनों के लिए निर्धारित की गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आतिशबाजी की बिक्री एवं भंडारण विस्फोटक अधिनियम, 1884, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 के लागू प्रावधानों, विस्फोटक नियमावली, 2008 के नियम 84 एवं 84(4) तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अस्थायी लाइसेंस में उल्लिखित शर्तों के अधीन ही किया जा सकेगा।

दुकानों के आवंटन के लिए सार्वजनिक लॉटरी आयोजित होगी। प्रत्येक चयनित आवेदक को लॉटरी के माध्यम से दुकान का विशिष्ट क्रमांक एवं निर्धारित स्थल (स्पॉट) आवंटित किया जाएगा। आवेदक को आवंटित स्थल पर ही अपने खर्च से निर्धारित मानकों के अनुरूप दुकान का निर्माण कराना होगा। आवंटित स्थान में परिवर्तन, दूसरे स्थान पर दुकान बनाने अथवा दुकान का स्थान बदलने की अनुमति नहीं होगी।

प्रत्येक दुकान का अधिकतम आकार 10 फीट चौड़ाई और 15 फीट गहराई निर्धारित किया गया है। दुकानें केवल आवंटित स्थल एवं क्रमांक पर ही स्थापित की जा सकेंगी। दुकान निर्माण में टिन शेड तथा अन्य उपयुक्त अज्वलनशील सामग्री (नॉन फ्लेमेबल मटेरियल) का ही प्रयोग करना होगा। कपड़े, तिरपाल और फूस आदि का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। दो दुकानों के बीच न्यूनतम तीन मीटर की दूरी तथा किसी संरक्षित भवन से 50 मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। दुकानें आमने-सामने नहीं लगाई जाएंगी।

निर्धारित स्थल पर केवल एक कलस्टर स्थापित किया जाएगा, जिसमें कुल 40 दुकानें और अधिकतम 50 दुकानों की सीमा रहेगी। प्रत्येक दुकान पर दो अग्निशमन यंत्र, पानी से भरी दो बाल्टियां तथा रेत से भरी दो बाल्टियां उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा।

दुकानों में गैस, तेल के लैम्प, खुली आग, बीड़ी, सिगरेट और माचिस का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियम 84(4) के अनुपालन में दुकानों पर खुले विद्युत तार, लटकते हुए तार, असुरक्षित बिजली वायरिंग, नंगे बल्ब अथवा तेल से जलने वाले लैम्प का प्रयोग भी प्रतिबंधित रहेगा।

प्रत्येक दुकान की विद्युत व्यवस्था सुरक्षित एवं मजबूत वायरिंग के माध्यम से की जाएगी। विद्युत फिटिंग दुकान के बाहर मजबूत और सुरक्षित आधार पर की जाएगी। प्रत्येक दुकान के लिए अलग मास्टर स्विच एवं उचित फ्यूज की व्यवस्था अनिवार्य होगी। विद्युत संयोजन शुरू करने से पहले पूरे कलस्टर का विद्युत सुरक्षा विभाग के सक्षम अधिकारी से निरीक्षण कराकर विद्युत सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा। प्रमाण-पत्र मिलने से पहले विद्युत संयोजन चालू नहीं किया जाएगा।

आतिशबाजी का भंडारण केवल लाइसेंस में अनुमन्य मात्रा और निर्धारित सुरक्षित व्यवस्था के अनुसार ही किया जा सकेगा। दुकान के सामने अथवा पीछे किसी प्रकार का अतिरिक्त अतिक्रमण, अनधिकृत निर्माण या भंडारण नहीं किया जाएगा। प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री और दुकान पर पटाखे जलाकर प्रदर्शन करना भी प्रतिबंधित रहेगा। आतिशबाजी की बिक्री नाबालिग बच्चों को नहीं की जाएगी।

प्रेस विज्ञप्ति में विशेष निर्देश देते हुए बताया गया है कि लॉटरी में चयन और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति, निर्धारित पात्रता तथा सुरक्षा मानकों की पूर्ति के बाद ही पूरी होगी। आवंटित दुकान का स्थान अथवा क्रमांक किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा। दुकानों का निरीक्षण प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन एवं विद्युत सुरक्षा विभाग की ओर से किया जाएगा। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर दुकान का संचालन तत्काल बंद कराया जा सकेगा। इसके साथ ही लाइसेंस निरस्तीकरण सहित नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने अस्थायी आतिशबाजी लाइसेंस प्राप्त करने के इच्छुक आवेदकों से निर्धारित समयावधि में आवश्यक अभिलेखों सहित आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। आवेदन प्राप्त होने के बाद 04.11.2026 को प्रातः 12:00 बजे तहसीलदार अलीगंज की अध्यक्षता में पारदर्शी एवं निष्पक्ष लॉटरी प्रक्रिया के तहत दुकानों का आवंटन किया जाएगा। इसके लिए निर्धारित शुल्क 500.00 रुपये राजकीय कोष में निर्धारित शीर्ष 0070-60-103-00-00 के अंतर्गत जमा करना होगा।

इस संबंध में जिलाधिकारी एटा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एटा, जिला सूचना अधिकारी एटा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी एटा, तहसीलदार अलीगंज, उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण खंड अलीगंज, क्षेत्राधिकारी पुलिस अलीगंज, उप चिकित्साधिकारी अलीगंज, संबंधित थाना प्रभारी तथा नगर पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला सूचना अधिकारी को प्रेस विज्ञप्ति का दैनिक समाचार पत्रों में निःशुल्क प्रकाशन कराने, तहसीलदार को लॉटरी की व्यवस्था सुनिश्चित करने, विद्युत विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने तथा पुलिस प्रशासन को निर्धारित स्थल पर पुलिस व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उप चिकित्साधिकारी को एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा नगर पंचायत को सूचना नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराने के लिए कहा गया है। स्थानीय संवाददाता को भी विज्ञप्ति दैनिक समाचार पत्रों में निःशुल्क प्रकाशनार्थ भेजी गई है।

उप जिलाधिकारी, अलीगंज की ओर से जारी निर्देशों के तहत दीपावली पर आतिशबाजी की अस्थायी दुकानों का आवंटन निर्धारित नियमों, पात्रता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाएगा।

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