तस्वीर में उदयपुर के बेकरिया थाना क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्कर की फ्रीज की गई दो मंजिला संपत्ति के बाहर नोटिस बोर्ड और तैनात पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं.   

उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित 55 लाख रुपये की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) मुकुल शर्मा और कोटड़ा वृताधिकारी डूंगरसिंह के पर्यवेक्षण में बेकरिया थानाधिकारी रामावतार मीणा और उनकी टीम द्वारा अंजाम दी गई। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के सख्त प्रावधानों के तहत यह बड़ा कदम उठाया है।


पुलिस टीम ने चित्तौड़गढ़ जिले के बिजयपुर थाना क्षेत्र स्थित पेमाखेड़ा निवासी उदयलाल उर्फ उदा पिता रतनलाल गुर्जर के नाम दर्ज संपत्तियों पर यह कार्रवाई की है। तस्कर के नाम पर दर्ज एक दो मंजिला आवासीय मकान और एक नोहरा, जिनकी कुल कीमत 55 लाख रुपये आंकी गई है, उन्हें एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F(1) के तहत फ्रीज कर दिया गया है।


इस जब्ती और फ्रीजिंग की कार्रवाई का नई दिल्ली स्थित भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक सफेमा और एनडीपीएस एक्ट (Competent Authority & Administrator SAFEM(FOP)A & NDPS Act Delhi) द्वारा स्थायी अनुमोदन किया गया है। प्रशासनिक प्रक्रिया को पूरा करते हुए पुलिस टीम ने नियमानुसार संपत्ति पर भारत सरकार के आदेश क्रमांक NDPS/FO/1150/DEL/2026 दिनांक 17.09.2026 की सूचना अंकित कर दी है।


कानूनी प्रावधानों के अनुसार, भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी एवं बेकरिया थानाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना इस संपत्ति को बेचना, खरीदना, गिरवी रखना, हस्तांतरित करना या किसी को उपहार में देना पूरी तरह से विधि-विरुद्ध और गैर-कानूनी घोषित किया गया है।


कार्रवाई के बाद उदयपुर पुलिस ने आमजन के लिए चेतावनी और अपील जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति ऐसी विवादित और फ्रीज की गई संपत्तियों के संबंध में किसी भी प्रकार का लेन-देन न करे। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता से मादक पदार्थों की तस्करी या उससे अर्जित संपत्तियों से जुड़ी किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने का आह्वान किया है।   

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