तस्वीर में त्रिमेस जवास का दल नजर आ रहा है, जिसके सभी सदस्य गले में फूलों की माला पहने हुए हैं और यात्रा पर प्रस्थान करने से पहले एक साथ खड़े हैं।

त्रिमेस जवास का 22 सदस्यीय दल गुरुवार को 28 दिवसीय धार्मिक यात्रा के लिए रवाना हुआ। यात्रा के दौरान दल के सदस्य देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ ऐतिहासिक, सामरिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे। प्रस्थान के अवसर पर समाजजनों ने सभी श्रद्धालुओं को सुखद, शांतिपूर्ण और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण जवास खड़क क्षेत्र, जवास के इस दल का नेतृत्व त्रिमेस अध्यक्ष हरीश पानेरी कर रहे हैं। त्रिमेस प्रवक्ता जयेश व्यास ने बताया कि 28 दिवसीय यात्रा में दल द्वारा ग्यारह ज्योतिर्लिंग और तीन धामों के दर्शन किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न ऐतिहासिक, धार्मिक, सामरिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर उनके धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्राप्त की जाएगी।

दल के रवाना होने के अवसर पर समाज के कई लोग मौजूद रहे। समाजजनों ने सभी यात्रियों को उपरणा ओढ़ाकर सम्मानित किया और यात्रा के सफल एवं सुरक्षित होने की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान समाजजनों ने कहा कि धार्मिक यात्राएं व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने के साथ देश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर प्रदान करती हैं।

समाजजनों ने दादा एकलिंगनाथ एवं मां कात्यायनी से सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद, शांतिपूर्ण, आनंदपूर्वक एवं निर्विघ्न संपन्न होने की मंगलकामना की। यात्रा को लेकर दल के सदस्यों ज्योति-सुरेशचंद्र व्यास, अनुसुइया-हरीश पानेरी, गीता-कन्हैयालाल उपाध्याय, मीना-लोकेशचंद्र, मनीषा-साकरचन्द जोशी, मधु-नरेंद्र व्यास, जशोदाबेन जोशी, गीता उपाध्याय, सरोज-रविशंकर त्रिवेदी, माया-प्रकाशचंद्र उपाध्याय, द्रौपदीबेन-हरीश त्रिवेदी और संध्या व्यास में खासा उत्साह नजर आया।

यात्रा के दौरान श्रद्धालु ओंकारेश्वर, उज्जैन महाकाल, सोमनाथ, कामनाथ, द्वारकापुरी, भीमाशंकर, त्र्यंबकेश्वर, शनि शिंगणापुर, परली बैजनाथ, तिरुपति बालाजी, कन्याकुमारी, रामेश्वरम, मदुरई, मलिकार्जुन, जगन्नाथ पुरी और गंगासागर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन करेंगे। इसके साथ ही देश के गौरवशाली इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्थलों का भी भ्रमण किया जाएगा। इस यात्रा से दल के सदस्यों को धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और इतिहास को समझने का अवसर मिलेगा।

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