शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम तप धर्म महोत्सव, श्रद्धालुओं ने लिया धर्म लाभ
खेरवाड़ा के शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम तप धर्म महोत्सव मनाया गया। महाआरती, प्रतियोगिता और खेलों में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
तस्वीर में जैन मंदिर के प्रांगण में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नजर आ रही हैं。
खेरवाड़ा के तहसील रोड स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 10 लक्षण धर्म के सातवें दिन उत्तम तप धर्म महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। आयोजन में सकल दिगंबर जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
पंडित सुशील जैन के निर्देशन में भगवान की शांति धारा और पंचामृत अभिषेक किया गया। इस अवसर पर पंडित सुशील जैन ने उत्तम तप धर्म की महत्ता बताते हुए कहा कि जैन धर्म के दशलक्षण पर्व में उत्तम तप सातवां महत्वपूर्ण धर्म है। “इच्छानिरोधः तपः” अर्थात अपनी इच्छाओं, तृष्णाओं और वासनाओं पर नियंत्रण करना तथा कर्मों की निर्जरा करना ही वास्तविक तप है। उन्होंने बताया कि तप के माध्यम से व्यक्ति आत्मसंयम और आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है।
इससे पूर्व सोमवार रात धूप दशमी के अवसर पर मंदिर में महाआरती का आयोजन किया गया। इसके साथ ही महाआरती प्रतियोगिता भी हुई। इसमें प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रकार से आरती सजाकर भक्ति भाव के साथ नाचते-झूमते भगवान की आरती की। महाआरती की बोली का लाभ हितेश पंचोली परिवार ने प्राप्त किया।
महाआरती प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को सुरेश जैन और गणेश लाल चंदावत ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं, सभागार में खेलों की विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इनमें समाज की महिलाओं ने कुर्सी रेस में भी भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे।